UP Supplementary Budget : उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार के अनुसार यह बजट पहले से चल रही योजनाओं को समय पर पूरा करने और नई विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय व्यवस्था करने के उद्देश्य से लाया गया है। बजट के दौरान विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने लगातार नारेबाजी की, जिसके बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष को सदन की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत भी दी।
राजस्व और पूंजीगत व्यय पर सबसे ज्यादा जोर
सरकार की ओर से पेश किए गए अनुपूरक बजट में 17,399.50 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 41,620.04 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। वित्त विभाग के अनुसार मूल बजट में स्वीकृत राशि कुछ योजनाओं के लिए पर्याप्त नहीं थी, इसलिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा नई विकास योजनाओं और परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय प्रावधान किया गया है। सरकार ने अनुपूरक अनुदान की मांग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 205 के तहत विधानसभा में प्रस्तुत की है।
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सरकार ने बताया विकास का बजट
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह अनुपूरक बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए तैयार किया गया है। मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप और रजनी तिवारी ने भी इसे प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जनहित की परियोजनाओं को मजबूत करने वाला बजट बताया। सरकार का कहना है कि अतिरिक्त धनराशि से विकास कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी और विभिन्न विभागों की वित्तीय जरूरतें पूरी होंगी।
सपा ने किया विरोध, लगाए गंभीर आरोप
अनुपूरक बजट पेश होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। शिवपाल सिंह यादव की अगुवाई में सपा नेताओं ने दान पात्र, खाद के बोरे और साइकिल के साथ विरोध जताया। पार्टी के डिप्टी चीफ व्हिप आरके वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार मूल बजट का पूरा उपयोग नहीं कर पाई और यह अनुपूरक बजट भी सही तरीके से खर्च नहीं होगा। विपक्ष ने बजट को लेकर सदन में भी हंगामा किया। इसके बावजूद सरकार ने इसे विकास और वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।