अगर आपने हाल ही में अपना सैलरी बैंक अकाउंट बदला है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। अक्सर लोग नया अकाउंट खुलवाकर पुराना बंद कर देते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन अगर यही बदलाव आपने अपने पीएफ खाते में अपडेट नहीं किया तो भविष्य में परेशानी खड़ी हो सकती है। जरूरत के समय आपका पीएफ निकालना मुश्किल हो सकता है।
क्यों अटक सकता है पीएफ क्लेम
जब आप नौकरी या बैंक बदलते हैं तो सैलरी रिकॉर्ड तो बदल जाता है, लेकिन पीएफ खाते की बैंक डिटेल अपने आप अपडेट नहीं होती। आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN से जुड़ी जानकारी तब तक वही रहती है, जब तक आप खुद उसे बदलें। अगर पुराना बैंक अकाउंट बंद हो चुका है और वही पीएफ से लिंक है, तो निकासी का क्लेम फेल हो सकता है।
ऑटोमेटिक नहीं बदलती जानकारी
बहुत से लोगों को लगता है कि नई नौकरी के साथ सब डिटेल अपने आप अपडेट हो जाती है। लेकिन ऐसा नहीं है। पीएफ खाता अलग सिस्टम पर चलता है। अगर बैंक खाता बंद या निष्क्रिय है तो भुगतान वापस भी जा सकता है। ऐसी स्थिति में आपको पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ सकती है, जिससे समय और तनाव दोनों बढ़ते हैं।
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क्या-क्या जांचना जरूरी है
सबसे पहले ई-सर्विस पोर्टल पर लॉगिन कर अपने UAN से जुड़ी बैंक डिटेल जांचें। आधार कार्ड और पैन कार्ड की जानकारी सही और वेरिफाइड होनी चाहिए। नाम, जन्मतिथि और बैंक रिकॉर्ड में कोई फर्क नहीं होना चाहिए। छोटी सी गलती भी क्लेम रिजेक्ट करवा सकती है।
बैंक खाता कैसे अपडेट करें
ई-सर्विस पोर्टल में मैनेज सेक्शन पर जाएं और केवाईसी विकल्प चुनें। वहां नया बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड दर्ज करें। जरूरत पड़ने पर कैंसिल चेक की फोटो अपलोड करनी होती है। इसके बाद अनुरोध आपके नियोक्ता के पास जाएगा। एचआर या सैलरी विभाग की मंजूरी के बाद ही बदलाव पूरा माना जाएगा।
समय रहते करें यह काम
अगर बैंक डिटेल गलत हुई तो पीएफ निकासी में देरी तय है। इसलिए बेहतर है कि जब भी सैलरी अकाउंट बदलें, उसी समय पीएफ खाते में भी अपडेट कर दें। याद रखें, एक UAN के तहत सिर्फ एक ही सक्रिय बैंक खाता जोड़ा जा सकता है। कुछ मिनट का यह काम आपको बाद में बड़ी परेशानी से बचा सकता है।