भारत ने डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है. इस कदम से जहां ना केवल लोगों का पैसा और भी ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा, साथ ही परिवार के सदस्य कहां खर्च कर रहे हैं इस बात का ब्योरा भी मुखिया की नजर में रहेगा. दरअसल अब यूपीआई सिर्फ पेमेंट का आसान तरीका नहीं रह गया है, बल्कि घर-परिवार के लिए भी एक साझा डिजिटल वॉलेट भी बन गया है.
नई यूपीआई सर्किल सुविधा ने खोला नया रास्ता
आपको बता दें कि BHIM ऐप पर लॉन्च हुई नई यूपीआई सर्किल सुविधा ने उन करोड़ों लोगों के लिए एक नया रास्ता खोल दिया है, जो अपने परिवार के बुजुर्गों, बच्चों या ऐसे सदस्यों को डिजिटल भुगतान की सुविधा देना चाहते थे, जिनका खुद का बैंक खाता नहीं है. ये फीचर ना केवल लोगों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित भी है क्योंकि इसका कंट्रोल मुख्य यूपीआई उपयोगकर्ता के हाथ में ही रहेगा.
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भीम ने की इस नई सुविधा की शुरुआत
राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की सहायक कंपनी भीम सर्विसेज लिमिटेड ने इस नई सुविधा की शुरुआत की है. जिसके तहत यूपीआई यूजर्स अपने परिवार के सदस्यों को अपने यूपीआई अकाउंट से पेमेंट करने की अनुमति दे सकते हैं. इसका विशेष रूप से फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनके पास बैंक अकाउंट नहीं है, जिनमें खासकर बुजुर्ग माता-पिता, बच्चे या घर के ऐसे सदस्य आते हैं, जिन्हें कभी-कभी डिजिटल भुगतान की जरूरत पड़ जाती है.
हर महीने 15 हजार रुपये पेमेंट की अनुमति
नए नियमों के अनुसार मुख्य यूपीआई उपयोगकर्ता अपने अकाउंट से जुड़े सदस्यों को हर महीने अधिकतम 15 हजार रुपये तक पेमेंट करने की अनुमति दे सकते हैं. इसकी खास बात ये है कि सदस्य को भुगतान करने के लिए हर बार मुख्य यूजर की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ेगी. एक बार सेटिंग कर देने के बाद सदस्य स्वतंत्र रूप से पेमेंट कर सकते हैं. इस अनुमति की वैधता अधिकतम 5 साल तक रखी जा सकती है. मुख्य यूजर जब चाहे सदस्य को हटा सकता है, लिमिट बदल सकता है या पूरी तरह से एक्सेस बंद भी कर सकता है.
मुख्य यूजर के पास रहेगा पूरा कंट्रोल
हर पेमेंट की नोटिफिकेशन मुख्य यूजर्स को तुरंत मिल जाएगी.
वह ये तय कर सकता है कि सदस्य हर महीने कितना खर्च कर सकता है.
सदस्य को जोड़ना या हटाना दोनों पूरी तरह मुख्य अकाउंट होल्डर के हाथ में होगा.
पूरी सुरक्षा, क्योंकि बैंक अकाउंट सिर्फ मुख्य यूजर के नाम पर ही रहेगा.
घर के बुजुर्गों के लिए वरदान की तरह ये सुविधा
यह सुविधा उन परिवारों के लिए वरदान की तरह साबित होगी, जहां पर घर के बुजुर्ग डिजिटल पेमेंट नहीं कर पाते हैं या बच्चों को छोटी मोटी जरूरत के लिए पैसे देने पड़ते हैं. इसके साथ ही यह फीचर घरेलू खर्चों को मैनेज करने में भी मदद करेगा, वो भी बिना बैंक अकाउंट खुलवाए और बिना किसी खतरे के।