इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से फैल रही है कि अब हर UPI ट्रांजेक्शन पर चार्ज देना होगा। कई लोग क्यूआर कोड स्कैन करने से पहले ही रुक जा रहे हैं। लोगों को लगने लगा है कि अब छोटी-छोटी पेमेंट पर भी अतिरिक्त पैसा देना पड़ेगा। डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स इस खबर से परेशान हैं। लेकिन क्या सच में ऐसा कोई नियम लागू हुआ है?
क्या सच में लगेगा चार्ज?
सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि आम लोगों के लिए UPI ट्रांजेक्शन पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त हैं। यानी अगर आप किसी दुकान, कैब, ऑनलाइन शॉपिंग या बिल पेमेंट के लिए UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपसे कोई अलग शुल्क नहीं लिया जा रहा। वायरल हो रही खबर का कोई आधिकारिक आधार नहीं है। यह सिर्फ अफवाह है।
डिजिटल पेमेंट नीति में नहीं हुआ बदलाव
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की नीति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार और बैंकिंग सिस्टम का मकसद यही है कि लोग ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन भुगतान करें। इसलिए आम ग्राहक से किसी तरह का ट्रांजेक्शन शुल्क नहीं लिया जा रहा। आप पहले की तरह ही आराम से स्कैन कर सकते हैं और पेमेंट कर सकते हैं।
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बजट में किया गया खास प्रावधान
बजट 2026-27 में केंद्र सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड लेनदेन को समर्थन देने के लिए 2000 करोड़ रुपये की राशि रखी है। यह रकम मर्चेंट डिस्काउंट रेट मॉडल को सपोर्ट करने के लिए है। इसका मतलब यह है कि छोटे दुकानदारों या व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और डिजिटल पेमेंट सिस्टम मजबूत बना रहे।
व्यापारियों और ग्राहकों को राहत
सरकार के इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल UPI पर कोई शुल्क लगाने की योजना नहीं है। रेहड़ी-पटरी वाले, छोटे दुकानदार और आम ग्राहक बिना चिंता के डिजिटल भुगतान जारी रख सकते हैं। UPI पहले की तरह तेज, सुरक्षित और आसान बना हुआ है।
अफवाहों से रहें सावधान
डिजिटल दौर में अक्सर आधी-अधूरी जानकारी तेजी से फैल जाती है। इसलिए किसी भी वायरल खबर पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करना जरूरी है। अभी तक ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है कि हर UPI ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगेगा। यानी क्यूआर स्कैन कीजिए और निश्चिंत होकर पेमेंट कीजिए, आपकी जेब पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।