
UPI payments Update: डिजिटल पेमेंट को और आसान बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने UPI सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब यूजर्स को छोटे ट्रांजैक्शन के लिए PIN दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नए फीचर के तहत लोग अपने चेहरे या फिंगरप्रिंट के जरिए भी भुगतान कर सकेंगे। यह सुविधा जल्द ही Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे लोकप्रिय ऐप्स में उपलब्ध होगी। इस पहल का मकसद डिजिटल पेमेंट को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है ताकि यूजर्स को हर बार PIN डालने की झंझट से मुक्ति मिल सके।
बायोमैट्रिक से 5000 रुपये तक का पेमेंट
NPCI ने नए बायोमैट्रिक फीचर की सीमा 5000 रुपये तक तय की है। यानी यूजर्स चेहरा या फिंगरप्रिंट स्कैन कर 5000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। यह सीमा फिलहाल छोटे-मोटे पेमेंट जैसे कि किराने की खरीदारी, पेट्रोल या रेस्टोरेंट बिल के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। UPI का यह बायोमैट्रिक सिस्टम आधार कार्ड से लिंक रहेगा, जो फेसियल रिकग्निशन, फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन के जरिए यूजर की पहचान की पुष्टि करेगा। इससे पेमेंट न केवल आसान बल्कि पहले से ज्यादा सुरक्षित भी हो जाएगा।
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ऐसे करेगा काम नया UPI फीचर
फीचर के रोलआउट के बाद यूजर्स को अपने UPI ऐप जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm को अपडेट करना होगा। पेमेंट करते समय यूजर्स QR कोड या कॉन्टैक्ट चुनेंगे, फिर राशि दर्ज कर बैंक अकाउंट सिलेक्ट करेंगे। अब PIN डालने की जगह उन्हें “बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन” का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करने के बाद यूजर को अपने चेहरे या फिंगरप्रिंट से वेरिफिकेशन करना होगा, और पेमेंट तुरंत पूरा हो जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो बार-बार छोटे पेमेंट करते हैं और हर बार PIN डालना नहीं चाहते। इससे भारत की डिजिटल इकॉनमी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।