US Canada Trade War : दुनिया के सबसे करीबी व्यापारिक साझेदारों में गिने जाने वाले अमेरिका और कनाडा के बीच अब बड़ा आर्थिक टकराव शुरू हो गया है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है। इस कदम के जवाब में कनाडा ने भी कड़ा रुख अपनाने का संकेत दिया है।
आधी रात से लागू होगा नया टैरिफ
अमेरिका करीब 28 अरब कनाडाई डॉलर के सामान पर नया आयात शुल्क लगाने जा रहा है। यह फैसला कई दौर की बातचीत के बाद लिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तीन दिन तक चली चर्चा में भी कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कनाडा ने अपने वार्ताकारों को वापस बुला लिया।
कनाडा ने दिया ‘जैसे को तैसा’ जवाब
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कहा है कि उनका देश अपने कारोबारियों और कामगारों के हितों की रक्षा करेगा। उन्होंने संकेत दिए हैं कि अमेरिका की कार्रवाई का जवाब उसी अंदाज में दिया जाएगा। कनाडा सरकार का मानना है कि अमेरिका अब अपने सहयोगी देशों पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाकर दबाव बनाने की नीति अपना रहा है।
बातचीत में कहां फंसा मामला?
अमेरिका का दावा है कि उसने कनाडा को कई रियायतों की पेशकश की थी। इसमें ऑटोमोबाइल, स्टील और एल्युमिनियम पर शुल्क कम करने जैसे प्रस्ताव शामिल थे। हालांकि शराब और डेयरी उत्पादों से जुड़े कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी। यही विवाद आगे चलकर बड़े टकराव की वजह बन गया।
कारोबार और आम लोगों पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यापारिक विवाद का असर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। आयात शुल्क बढ़ने से कई उत्पाद महंगे हो सकते हैं, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। साथ ही कई उद्योगों और निर्यातकों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कनाडा ने दिखाई आत्मविश्वास भरी रणनीति
कनाडा सरकार का कहना है कि वह सिर्फ अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे देशों के साथ भी व्यापार बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। देश में बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं और सरकार कारोबारियों को आर्थिक सहायता भी दे रही है। ऐसे में कनाडा इस चुनौती का सामना करने के लिए खुद को तैयार बता रहा है।
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आगे क्या होगा?
फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है और व्यापारिक रिश्तों में अनिश्चितता बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों पक्ष फिर से बातचीत की मेज पर लौटते हैं या यह विवाद और गहराता है। अगर समाधान नहीं निकला तो इसका असर सिर्फ अमेरिका और कनाडा ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है।