US-Cuba tensions: वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन के बाद अमेरिका और क्यूबा के रिश्तों में फिर से तल्खी आ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर उसने समय रहते अमेरिका से समझौता नहीं किया, तो तेल और आर्थिक मदद पूरी तरह रोक दी जाएगी। ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब लैटिन अमेरिका में अमेरिकी दखल को लेकर पहले से ही बहस तेज है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि क्यूबा को अब एक बूंद तेल या एक डॉलर भी नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला पर निर्भर रहा है और अब उसे अमेरिका के साथ डील करनी चाहिए। ट्रंप का दावा है कि अगर समय रहते फैसला नहीं लिया गया तो हालात क्यूबा के लिए और बिगड़ सकते हैं।
हवाना में प्रदर्शन
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल ने अमेरिकी कदमों की खुलकर आलोचना की है। राजधानी हवाना में अमेरिकी दूतावास के सामने बड़ी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने वेनेजुएला में हुई कार्रवाई को “स्टेट टेररिज्म” बताया। कैनेल ने कहा कि अमेरिका ने एक संप्रभु और शांत देश पर हमला कर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है।
तेल पर निर्भरता
क्यूबा अपनी कुल तेल जरूरत का लगभग 30 प्रतिशत वेनेजुएला से हासिल करता है। बदले में वह वेनेजुएला को डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सेवाएं देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह आपूर्ति रुकी, तो क्यूबा में बिजली और ईंधन का संकट और गंभीर हो सकता है।
बढ़ता राजनीतिक दबाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षा में क्यूबाई एजेंट भी तैनात थे। अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान कई क्यूबाई सैनिकों के मारे जाने की भी चर्चा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि क्यूबा पर आर्थिक दबाव बढ़ाकर उसे बिना सैन्य कार्रवाई के ही झुकाया जा सकता है, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है।