UP announces major employment initiative: उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर पहल कर रही है। साल 2026 की शुरुआत में प्रदेश के पांच जिलों में मंडल स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा, जहां निजी क्षेत्र की बड़ी संख्या में कंपनियां भाग लेंगी। सरकार का दावा है कि इन रोजगार मेलों के जरिए करीब एक लाख युवाओं को सीधे नौकरी के ऑफर लेटर दिए जाएंगे। यह आयोजन राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कौशल विकास मिशन के तहत रोजगार से सीधा जुड़ाव
सरकारी बयान के मुताबिक, ये रोजगार मेले उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल का मकसद कौशल प्रशिक्षण, उद्योगों की भागीदारी और रोजगार उपलब्ध कराने के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। रोजगार मेलों में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी निजी कंपनियां हिस्सा लेंगी, जो मौके पर ही अभ्यर्थियों का चयन करेंगी। चयनित युवाओं को इंटरव्यू और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद तुरंत ऑफर लेटर सौंपे जाएंगे। राज्य सरकार का फोकस इस बात पर है कि प्रशिक्षित युवाओं को प्रशिक्षण के बाद भटकना न पड़े और उन्हें सीधे रोजगार मिल सके।
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हर मेले में 100 कंपनियां, 20 हजार युवाओं को काम
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के अनुसार, प्रत्येक रोजगार मेले में औसतन 100 कंपनियां भाग लेंगी। हर जिले में करीब 20 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पांचों जिलों को मिलाकर कुल एक लाख रोजगार सृजित होंगे। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य पलायन रोकना और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार देना है। उन्होंने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत अब तक 1,600 से ज्यादा रोजगार मेलों के माध्यम से 2.26 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिल चुका है। सरकार का मानना है कि ये प्रयास प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।