
उत्तरकाशी के धराली में आई तबाही की असली वजह अब सामने आ गई है. मंगलवार को यहां बादल फटने के बाद खीर गंगा नदी में अचानक जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ा. पानी और मलबा इतनी रफ्तार से नीचे की ओर आया कि धराली बाजार और आसपास के इलाकों में तबाही मच गई. इस दौरान लोगों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला.
क्यों आई तबाही?
खीर गंगा एक छोटी नदी है, लेकिन इसका जलग्रहण क्षेत्र सीमित है और ढलान काफी तेज है. इसलिए जब भी ज्यादा बारिश होती है या बादल फटते हैं, तो पानी बिना रुके सीधे नीचे बहता है और भारी तबाही लाता है. यही वजह रही कि इस बार सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि दो बार पानी और मलबा तेजी से नीचे आया, जिससे बाजार में भारी नुकसान हुआ.
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पहली बार नहीं हुआ ऐसा हादसा
यह कोई पहली बार नहीं है जब खीर गंगा का जलस्तर बढ़ने से ऐसा हादसा हुआ हो. साल 2023 में भी इसी नदी में उफान आया था, जिससे गंगोत्री हाईवे कई दिनों तक बंद रहा था और कई दुकानों, होटलों को नुकसान पहुंचा था. तब प्रशासन ने कुछ सुरक्षा कार्य जरूर किए थे, लेकिन नदी की चौड़ाई (स्पैन) कम होने की वजह से आपदा को रोकना संभव नहीं हो सका.
चौंकाने वाली बात यह है कि पहले के अनुभवों के बावजूद न तो प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाए और न ही स्थानीय लोग सतर्क हुए. नतीजा यह हुआ कि एक बार फिर भारी तबाही का सामना करना पड़ा. अब यह जरूरी हो गया है कि इलाके में मजबूत और स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से बचा जा सके.