श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने बल्ले से ऐसा हमला बोला कि मैच का माहौल बदल गया। 15 साल के वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन बना दिए। उनकी पारी में 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। वैभव का स्ट्राइक रेट 324.14 रहा। वह शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए, लेकिन उनकी पारी ने इंडिया ए को बड़े स्कोर तक पहुंचा दिया। फाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबले में इतनी तेज बैटिंग ने सबको हैरान कर दिया।
पिछले मैचों में थी कमी
इस फाइनल से पहले वैभव के बल्ले से बड़ी पारी नहीं निकल रही थी। पिछले चार मैचों में उन्होंने 14, 44, 21 और 38 रन बनाए थे। इन चार पारियों में उनके कुल 117 रन थे। वह शुरुआत तो कर रहे थे, लेकिन अपनी आदत के मुताबिक मैच पर पूरी तरह कब्जा नहीं जमा पा रहे थे। आईपीएल में अपनी तेज बैटिंग से नाम बनाने वाले वैभव से फाइनल में बड़ी उम्मीद थी। ऐसे में कोच ने उन्हें ज्यादा सोचने के बजाय अपना असली खेल खेलने की सलाह दी।
कोच ने कहे चार शब्द
इंडिया ए के कोच हृषिकेश कानिटकर ने फाइनल से पहले वैभव को लंबा भाषण नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ चार शब्द कहे, “तू अपना नेचुरल गेम खेल।” इसके बाद कोच ने कहा, “ज्यादा मत सोच।” यही छोटी सी बात वैभव के लिए बड़ा भरोसा बन गई। वह मैदान पर उतरे और पहली ही गेंद से अपने अंदाज में खेलना शुरू कर दिया। उन्होंने गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। हर ओवर में बाउंड्री आई और श्रीलंका ए की गेंदबाजी बिखरती चली गई।
11 गेंदों में पूरी फिफ्टी
वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। यह पारी इतनी तेज थी कि फील्डिंग करने वाली टीम को समझ ही नहीं आया कि गेंद कहां डाली जाए। कभी चौका, कभी छक्का और कभी तेज रन लेकर वैभव ने स्कोर बोर्ड तेजी से आगे बढ़ाया। उन्होंने 29 गेंदों में 94 रन बनाए और आउट होने तक मैच का रुख इंडिया ए की तरफ मोड़ दिया। शतक जरूर नहीं आया, लेकिन फाइनल में खेली गई यह पारी किसी शतक से कम नहीं मानी जा रही है।
इंडिया ए ने बनाया बड़ा स्कोर
वैभव की धुआंधार पारी की मदद से इंडिया ए ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रन बनाए। कप्तान तिलक वर्मा ने भी टीम के लिए अहम पारी खेली। उन्होंने 90 गेंदों में 67 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। वैभव ने शुरुआत में तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूत जगह पर पहुंचाया, जबकि बाकी बल्लेबाजों ने स्कोर को आगे बढ़ाया। 377 रन का लक्ष्य श्रीलंका ए के लिए बहुत बड़ा साबित हुआ।
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श्रीलंका ए की नहीं चली
377 रन के जवाब में श्रीलंका ए ने कोशिश जरूर की, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। श्रीलंका ए की पूरी टीम 47.1 ओवर में 311 रन पर आउट हो गई। नंबर सात पर उतरे वनजा सहन ने 62 रन बनाए, मगर वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इंडिया ए के लिए यश ठाकुर और विप्रज निगम ने 3-3 विकेट लिए। वैभव की 94 रन वाली पारी ने फाइनल की नींव रखी और इंडिया ए ने बड़ी जीत के साथ ट्राई सीरीज का खिताब अपने नाम कर लिया।