एक बिहारी सब पर भारी ये कहावत वैभव सूर्यवंशी की इस एशिया कप पारी पर बिल्कुल सटीक बैठती है। जिस उम्र में खिलाड़ी खुद को साबित करने की शुरुआत करते हैं, उसी उम्र में वैभव ने बड़े मंच पर गेंदबाजों की नींद उड़ा दी। आईपीएल ऑक्शन की चर्चा के बीच उनका बल्ला ऐसा चला कि पूरा क्रिकेट जगत हैरान रह गया। 17 छक्कों की बरसात ने विरोधी टीमों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। हर बड़ा शॉट ये साफ कर रहा था कि ये सिर्फ एक पारी नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य का संकेत है।
एशिया कप की शुरुआत से ही इरादे साफ
एशिया कप की शुरुआत से ही वैभव ने बता दिया था कि वो साधारण खिलाड़ी नहीं हैं। यूएई के खिलाफ पहले ही मैच में 171 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर उन्होंने टूर्नामेंट में सनसनी मचा दी। गेंदबाजों की लाइन और लेंथ दोनों बिखर गई। पाकिस्तान के खिलाफ बल्ला जरूर खामोश रहा और सिर्फ 5 रन बने, लेकिन क्रिकेट में यही परीक्षा होती है। मलेशिया के खिलाफ वैभव ने जबरदस्त वापसी करते हुए 25 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया।
आत्मविश्वास से भरी छक्कों की बारिश
मलेशिया के खिलाफ खेली गई पारी ने साबित कर दिया कि वैभव की बल्लेबाजी सिर्फ ताकत पर नहीं, आत्मविश्वास पर टिकी है। 25 गेंदों पर 50 रन, 5 चौके और 3 लंबे छक्के उनके आक्रामक खेल की पहचान बने। जिस गेंद पर वो आउट हुए, वो भी छक्का लगाने की कोशिश में थी। इस पारी के साथ ही वैभव ने अंडर-19 एशिया कप 2025 में 200 रन पूरे किए और छक्कों की संख्या 17 तक पहुंचा दी।
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आंकड़ों में भी वैभव सबसे आगे
आंकड़े भी वैभव सूर्यवंशी की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। ग्रुप स्टेज के तीन मुकाबलों में उनके नाम 226 रन हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। छक्कों के मामले में वो टूर्नामेंट में सबसे आगे हैं। रन रेस में पाकिस्तान के समीर मिन्हास जरूर आगे हैं, लेकिन फर्क साफ दिखता है। वैभव गेंदबाजों पर दबाव बनाकर मैच का रुख बदल देते हैं। यही वजह है कि अब उन्हें टीम इंडिया की बल्लेबाजी की नई चट्टान कहा जा रहा है।