Vaibhav Suryavanshi : दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। गत चैम्पियन सेंट्रल जोन को 4 विकेट से हराने के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ है। इस जीत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की हो रही है। फाइनल का टिकट मिलने के बाद वैभव ने सोशल मीडिया पर ट्रॉफी की इमोजी साझा की, जिसके बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उनकी खिताब जीतने की इच्छा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सेमीफाइनल में चमका बल्ला
सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने दोनों पारियों में प्रभाव छोड़ा। पहली पारी में उन्होंने 81 गेंदों पर 92 रन बनाए और शतक से केवल 8 रन दूर रह गए। उनकी पारी में आक्रामक शॉट्स और तेज रन गति देखने को मिली। दूसरी पारी में भी उन्होंने 43 गेंदों पर 40 रन बनाए। इन दोनों पारियों ने साबित किया कि वैभव दबाव वाले मुकाबलों में भी अपने स्वाभाविक खेल से समझौता नहीं करते।
जरूरत पड़ने पर बदला अंदाज
दूसरी पारी में वैभव ने शुरुआत में संयम दिखाया, लेकिन जब टीम को तेजी से रन की जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने आक्रमण शुरू कर दिया। सेंट्रल जोन के तेज गेंदबाज यश ठाकुर को निशाना बनाते हुए उन्होंने एक ओवर में लगातार चौके और छक्का लगाया। हालांकि अगली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में उनका कैच पकड़ा गया। फिर भी उनकी यह पारी टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हुई और जीत की राह आसान हुई।
गेंदबाजों ने भी निभाई भूमिका
ईस्ट जोन की जीत सिर्फ बल्लेबाजों की बदौलत नहीं आई। अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया। दोनों गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन के बल्लेबाजी क्रम पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी सटीक गेंदबाजी की वजह से विपक्षी टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। गेंद और बल्ले दोनों से मिले योगदान ने ईस्ट जोन को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
चेपॉक से जुड़ी खास याद
अब ईस्ट जोन का अगला मुकाबला 6 सितंबर से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि 2012-13 में जब ईस्ट जोन ने आखिरी बार दलीप ट्रॉफी जीती थी, तब भी फाइनल इसी मैदान पर खेला गया था। ऐसे में टीम को उम्मीद है कि इतिहास एक बार फिर खुद को दोहरा सकता है। लंबे इंतजार के बाद टीम के पास तीसरी बार चैम्पियन बनने का मौका है।
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वैभव पर रहेंगी निगाहें
फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी पर विशेष नजर रहने वाली है। सेमीफाइनल में 92 और 40 रन की पारियों के बाद उनसे बड़ी उम्मीदें जुड़ गई हैं। हालांकि फाइनल का दबाव अलग होगा और सामने मजबूत गेंदबाजी आक्रमण भी हो सकता है। इसके बावजूद वैभव ने अब तक जो आत्मविश्वास दिखाया है, उससे साफ है कि वह चुनौती से पीछे हटने वाले नहीं हैं। अब देखना होगा कि ट्रॉफी की इमोजी साझा करने वाले वैभव, फाइनल जीतकर असली ट्रॉफी अपने हाथों में उठा पाते हैं या नहीं।