विदेश यात्रा के लिए पूरी तैयारी कर चुकी एक युवती को एयरपोर्ट पर बड़ा झटका लगा। पासपोर्ट, वीजा और टिकट होने के बावजूद एयरलाइन ने उसे बोर्डिंग पास देने से इनकार कर दिया। इसके कारण उसकी फ्लाइट छूट गई और उसे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुवैत जाने वाली थी युवती
यह मामला 9 सितंबर 2023 का है। ऑप्टोमेट्री ग्रेजुएट युवती अपने माता-पिता के साथ तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट से कुवैत जाने के लिए पहुंची थी। उसने एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से यात्रा करनी थी, लेकिन एयरलाइन अधिकारियों ने उसे विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी।
वीजा पर उठाया गया सवाल
एयरलाइन कर्मचारियों का कहना था कि युवती का डिपेंडेंट वीजा समाप्त हो चुका है। हालांकि युवती और उसके पिता लगातार बताते रहे कि उनके सभी दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं। इसके बावजूद एयरलाइन ने उनकी बात नहीं मानी और बोर्डिंग पास जारी नहीं किया।
फ्लाइट छूटी, कोर्ट पहुंचा मामला
फ्लाइट निकल जाने के बाद युवती ने इस मामले को उपभोक्ता अदालत में चुनौती दी। उसने तमिलनाडु के पेरम्बलूर स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई और एयरलाइन पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाया।
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एयरलाइन ने दी अपनी सफाई
सुनवाई के दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि कुवैत के नियमों के अनुसार यदि कोई विदेशी नागरिक छह महीने से ज्यादा समय तक देश से बाहर रहता है तो उसका रेजिडेंट परमिट अमान्य हो सकता है। एयरलाइन ने दावा किया कि युवती इसी नियम के दायरे में आ रही थी।
जांच में सामने आई सच्चाई
कोर्ट ने मामले की जांच की और पाया कि कुवैत गृह मंत्रालय द्वारा जारी दस्तावेज यात्रा वाले दिन पूरी तरह वैध था। परमिट 9 सितंबर को नहीं बल्कि 12 सितंबर 2023 को समाप्त होना था। यानी यात्रा के समय युवती के पास वैध दस्तावेज मौजूद थे।
कोर्ट ने एयरलाइन को ठहराया दोषी
आयोग ने कहा कि अगर एयरलाइन को दस्तावेजों को लेकर कोई संदेह था तो उसे संबंधित अधिकारियों से पुष्टि करनी चाहिए थी। बिना सही जांच के बोर्डिंग पास रोकना सेवा में गंभीर लापरवाही है। कोर्ट ने माना कि एयरलाइन की कार्रवाई से यात्री को मानसिक तनाव और असुविधा हुई।
3 लाख मुआवजा देने का आदेश
उपभोक्ता अदालत ने एयर इंडिया एक्सप्रेस को युवती को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके अलावा 10 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में भी देने को कहा गया। दिलचस्प बात यह है कि एयरलाइन ने पहले 20 हजार रुपये और 10 हजार रुपये का ट्रैवल वाउचर देने की पेशकश की थी, लेकिन युवती ने उसे ठुकराकर कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार बड़ी जीत हासिल की।