वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सतीश कुमार ने बताया है कि इसका नया प्रोटोटाइप अगले एक साल के भीतर ट्रायल के लिए तैयार कर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के नेतृत्व वाले जॉइंट वेंचर के तहत बनाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह भारतीय रेलवे के सबसे अहम आधुनिक प्रोजेक्ट्स में शामिल है और इसकी प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
आरवीएनएल को करनी है 120 ट्रेनों की डिलीवरी
रेलवे अधिकारियों ने साफ किया है कि प्रोटोटाइप सफल होने के बाद आरवीएनएल को 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की डिलीवरी करनी होगी। इसे रेलवे के बड़े विस्तार कार्यक्रम का हिस्सा माना जा रहा है। वंदे भारत चेयरकार ट्रेनों की सफलता के बाद अब लंबी दूरी की यात्रा के लिए स्लीपर वर्जन पर खास फोकस किया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह ट्रेन यात्रियों को हाईस्पीड, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर आराम का नया अनुभव देगी।
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पहली स्लीपर ट्रेन पहले ही हो चुकी है लॉन्च
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 17 जनवरी को कामाख्या और हावड़ा रूट के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बाद अन्य रूट्स पर संचालन को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हैं, हालांकि रेल मंत्रालय ने अभी तक अगली सेवाओं को लेकर विस्तृत घोषणा नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, नए प्रोटोटाइप के तैयार होने के बाद कई और रूट्स पर विस्तार की राह खुल सकती है।
260 रेक बनाने की बड़ी योजना
रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw पहले ही संसद में बता चुके हैं कि वंदे भारत स्लीपर कोचों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसमें BEML, ICF और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स की भागीदारी है। प्रोटोटाइप, ट्रायल और सीरीज प्रोडक्शन के जरिए पूरी योजना आगे बढ़ेगी। कुल 260 वंदे भारत स्लीपर रेक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे की लंबी दूरी यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।