केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के अनंतनाग में वाणिज्यिक ठहराव की घोषणा की है। अब यह ट्रेन बनिहाल से आगे बढ़ने के बाद अनंतनाग रेलवे स्टेशन पर भी रुकेगी और फिर श्रीनगर पहुंचेगी। इस फैसले से दक्षिण कश्मीर के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में लिया गया अहम फैसला
यह निर्णय रेल मंत्री और उमर अब्दुल्ला के बीच हुई बैठक के दौरान लिया गया। दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में चल रही और प्रस्तावित रेल परियोजनाओं पर चर्चा की। इसी दौरान क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने और लोगों की सुविधा बढ़ाने के लिए अनंतनाग में वंदे भारत के ठहराव पर सहमति बनी।
यात्रियों और कारोबारियों को फायदा
अनंतनाग कश्मीर घाटी का एक महत्वपूर्ण आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है। वंदे भारत के यहां रुकने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कुछ हद तक कम हो सकती है।
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वंदे भारत ने बदली यात्रा की तस्वीर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस ने जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा व्यवस्था को नया रूप दिया है। ट्रेन के शुरू होने से यात्रा समय में कमी आई है और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह सेवा स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो रही है।
अर्थव्यवस्था को मिल रहा सहारा
बैठक में जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में रेलवे की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा हुई। रेल नेटवर्क के जरिए सेब, चेरी, सीमेंट और अन्य जरूरी सामानों की ढुलाई आसान हुई है। इससे परिवहन लागत घटी है और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचने का बेहतर अवसर मिला है।
चिनाब ब्रिज से गुजरती है ट्रेन
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस की एक खास पहचान यह भी है कि यह दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल चिनाब ब्रिज से होकर गुजरती है। अब अनंतनाग में नए ठहराव के साथ यह सेवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास को नई गति देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।