वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जल्द बड़ी सुविधा शुरू होने वाली है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक बनने वाला रोप-वे अब शुरू होने के बेहद करीब बताया जा रहा है। इस सेवा के शुरू होने के बाद लोगों को जाम में घंटों फंसने की परेशानी से राहत मिल सकती है। कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक का सफर करीब 16 मिनट में पूरा होने का दावा है। गोदौलिया से काशी विश्वनाथ धाम और दशाश्वमेध घाट तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।
20 से 50 रुपये तक होगा किराया
रोप-वे में यात्रा करने के लिए न्यूनतम किराया 20 रुपये और अधिकतम किराया 50 रुपये तय किया गया है। कैंट स्टेशन से गोदौलिया चौक तक पूरे रूट का किराया 50 रुपये होगा। वहीं विद्यापीठ से रथयात्रा तक कम दूरी की यात्रा के लिए यात्रियों को केवल 20 रुपये देने होंगे। यह किराया आम यात्रियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए काफी राहत भरा माना जा रहा है। खासकर रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को टैक्सी और ऑटो के महंगे किराये से कुछ राहत मिल सकती है।
स्मार्ट पास वालों को मिलेगा फायदा
वाराणसी के स्थानीय लोगों और रोजाना सफर करने वालों के लिए काशी स्मार्ट पास की सुविधा भी दी जाएगी। इस पास के जरिए यात्रियों को रोप-वे किराये में 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी कैंट से गोदौलिया तक 50 रुपये की यात्रा केवल 40 रुपये में हो सकेगी। यह सुविधा छात्रों कर्मचारियों दुकानदारों और नियमित यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। सरकार का मकसद है कि लोग निजी वाहनों की जगह इस सार्वजनिक परिवहन सेवा का इस्तेमाल करें।
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चार स्टेशनों से जुड़ेगा पूरा रूट
रोप-वे का रूट वाराणसी कैंट विद्यापीठ रथयात्रा और गोदौलिया चौक को जोड़ेगा। इन चारों जगहों पर आधुनिक स्टेशन बनाए जा रहे हैं। स्टेशन पर लिफ्ट एस्केलेटर सीसीटीवी कैमरे अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल टिकटिंग की सुविधा होगी। दिव्यांगजन वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था करने की बात कही गई है। कैंट स्टेशन पर क्लॉक रूम भी होगा जहां टिकट वाले यात्री शुरुआती दो घंटे तक अपना सामान मुफ्त रख सकेंगे।
पर्यटकों के लिए प्रीमियम गोंडोला
रोप-वे में आम यात्रियों के अलावा पर्यटकों और समूहों के लिए प्रीमियम गोंडोला सेवा भी शुरू की जाएगी। इसका किराया 2000 रुपये तय किया गया है। अगर कोई संस्था या समूह पहले से बुकिंग कराता है तो उसे प्रति गोंडोला 1200 रुपये देने होंगे। यह सुविधा परिवारों विदेशी पर्यटकों और विशेष यात्राओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है। गंगा किनारे और काशी की गलियों का नजारा ऊपर से देखने का अनुभव भी यात्रियों को अलग मिलेगा।
जाम और प्रदूषण से मिलेगी राहत
वाराणसी में कैंट से गोदौलिया तक का रास्ता अक्सर भारी ट्रैफिक और जाम से भरा रहता है। रोप-वे शुरू होने के बाद इस रूट पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे प्रदूषण घटाने में भी मदद मिल सकती है। काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का समय बचेगा और शहर की यात्रा ज्यादा सुविधाजनक बनेगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि देश की पहली शहरी सार्वजनिक परिवहन रोप-वे सेवा कब पूरी तरह यात्रियों के लिए शुरू होती है।