घर हर व्यक्ति के लिए सुकून और सुरक्षा की जगह होता है। ऐसे में घर का वातावरण खुशनुमा बनाए रखने के लिए साफ-सफाई और सही व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है। भारतीय परंपरा में वास्तु शास्त्र को भी घर के माहौल और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि घर के अलग-अलग हिस्सों में वस्तुओं को सही दिशा में रखने और कुछ खास बातों का ध्यान रखने से सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं घर से जुड़े कुछ प्रमुख वास्तु नियम।
1. ईशान कोण को रखें साफ और व्यवस्थित
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। इसे पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस हिस्से में साफ-सफाई बनाए रखें और अनावश्यक सामान जमा न होने दें। भारी फर्नीचर, कबाड़ और जूते-चप्पल रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता के अनुसार, इस दिशा में पूजा स्थल बनाना शुभ होता है।
2. मुख्य द्वार पर दें खास ध्यान
घर का प्रवेश द्वार सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इसे साफ, खुला और व्यवस्थित रखना चाहिए। दरवाजे पर स्वास्तिक, ॐ या शुभ-लाभ जैसे पारंपरिक चिह्न बनाए जा सकते हैं। त्योहारों और शुभ अवसरों पर तोरण या बंदनवार लगाने की भी परंपरा है। दरवाजे के आसपास बेकार सामान इकट्ठा करने से बचें।
3. रसोई की दिशा का रखें ख्याल
वास्तु शास्त्र में रसोई के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी अग्नि कोण को अच्छा माना जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुंह रखना शुभ होता है। रसोई में चूल्हे और पानी के सिंक के बीच उचित दूरी रखने की सलाह भी दी जाती है। इसके अलावा, खाना बनाने वाली जगह को साफ रखना और इस्तेमाल के बाद बर्तनों को व्यवस्थित करना जरूरी है।
4. तिजोरी रखने से जुड़े वास्तु नियम
धन और कीमती सामान रखने वाली अलमारी या तिजोरी की दिशा को लेकर भी वास्तु में कुछ मान्यताएं हैं। इसके अनुसार, तिजोरी को दक्षिण या पश्चिम दिशा में इस तरह रखा जा सकता है कि उसका दरवाजा उत्तर की ओर खुले। उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, तिजोरी की सुरक्षा और उसकी सही जगह चुनते समय घर की बनावट को भी ध्यान में रखना चाहिए।
5. शीशा लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
घर में आईना कहां लगाया गया है, इस पर भी वास्तु शास्त्र में ध्यान देने की बात कही गई है। पारंपरिक मान्यताओं के मुताबिक, उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर दर्पण लगाना अच्छा माना जाता है। वहीं, बेडरूम में शीशा इस तरह लगाने से बचने की सलाह दी जाती है कि बिस्तर पर सोते समय उसमें शरीर का प्रतिबिंब दिखाई दे। आईने को साफ रखना और सही ऊंचाई पर लगाना भी जरूरी है।
6. शाम के समय घर में करें रोशनी
भारतीय परंपरा में सूर्यास्त के समय घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर दीपक या रोशनी करने का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस समय दीप जलाने से घर में शुभता आती है। कुछ परिवारों में पूजा के दौरान कपूर या लोबान जलाने की परंपरा भी है। ऐसा करते समय कमरे में हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था रखें।
7. सोने की दिशा पर भी दें ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखना अनुकूल माना जाता है। वहीं, उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अच्छी नींद के लिए आरामदायक बिस्तर, शांत वातावरण और नियमित दिनचर्या भी महत्वपूर्ण हैं।
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8. बाथरूम को साफ रखना न भूलें
घर के बाथरूम की सफाई और व्यवस्था का ध्यान रखना जरूरी है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस्तेमाल के बाद बाथरूम का दरवाजा बंद रखना अच्छा माना जाता है। फर्श को सूखा रखें और पानी जमा न होने दें। कुछ वास्तु उपायों में बाथरूम में कांच की कटोरी में सेंधा नमक रखने की सलाह भी दी जाती है। इसे पारंपरिक मान्यता के रूप में ही देखना चाहिए, क्योंकि इसके सकारात्मक प्रभावों का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।