Nobel Peace Prize ceremony: वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचादो, जिन्हें 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया जा रहा है, आज ओस्लो में होने वाले आधिकारिक समारोह में शामिल नहीं होंगी। नॉर्वेजियन नोबेल इंस्टीट्यूट ने पुष्टि की कि मचादो नॉर्वे की राजधानी में मौजूद नहीं हैं। लंबे समय से सार्वजनिक रूप से न दिखने वाली मचादो पिछले 11 महीनों से भूमिगत जीवन जी रही हैं। उनकी प्रवक्ता ने कहा कि वह समारोह में उपस्थित नहीं होंगी, हालांकि उम्मीद है कि दिन के बाकी कार्यक्रमों का हिस्सा बन सकती हैं। फिलहाल उनके ठिकाने का खुलासा नहीं किया गया है। ऐसे हालात में उनकी बेटी उनकी ओर से पुरस्कार ग्रहण करेगी और कार्यक्रम में मचादो का संदेश पढ़ेगी।
परिवार की मौजूदगी
नोबेल संस्थान के मुताबिक, जब भी कोई विजेता किसी कारणवश समारोह में उपस्थित नहीं हो पाता, तो उसके करीबी परिजन परंपरागत रूप से पुरस्कार ग्रहण करते हैं। इससे पहले भी कई विजेताओं, जैसे ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी और बेलारूसी कार्यकर्ता अलेस बियालियात्स्की, की अनुपस्थिति में उनके परिवार ने पुरस्कार स्वीकार किया था। मचादो की अनुपस्थिति पर वैश्विक चिंता जताई गई है, क्योंकि 9 जनवरी को विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद से वह सार्वजनिक तौर पर दिखाई नहीं दी हैं। 10 अक्टूबर को उन्हें वेनेजुएला में लोकतांत्रिक बदलाव की कोशिशों के लिए शांति का नोबेल विजेता घोषित किया गया था।
राजनीतिक दबाव और समर्थन
वेनेजुएला के हालिया राजनीतिक माहौल में मचादो की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विपक्षी प्राइमरी चुनाव जीता था और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को चुनौती देने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया। इसके बाद कई गिरफ्तारियां, मानवाधिकार उल्लंघन और दमन के मामले सामने आए। मचादो के संघर्ष के समर्थन में अर्जेंटीना, इक्वाडोर, पनामा और पराग्वे के राष्ट्रपति भी नोबेल समारोह में मौजूद रहेंगे। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने भी वेनेजुएला की स्थिति पर गंभीर चिंता जाहिर की है, और मादुरो सरकार से लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली की मांग की है।