Violent protest in Delhi: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटनाओं को लेकर भारत में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में VHP कार्यकर्ता और समर्थक हाथों में बैनर, तख्तियां और नारे लिखी पट्टियां लेकर जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमलों को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि वहां हिंदू समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाना चाहिए।
#WATCH दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचारों और दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश हाई कमीशन के पास विरोध प्रदर्शन किया। pic.twitter.com/KrHQ0WLXra
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 23, 2025
दीपू चंद्र हत्याकांड, न्याय की मांग
VHP का यह प्रदर्शन बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र की हत्या के विरोध में भी था। दीपू की 18 दिसंबर की रात कथित तौर पर मॉब लिंचिंग में जान चली गई थी। शुरुआत में दावा किया गया कि उसने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, लेकिन जांच में ऐसे किसी सबूत की पुष्टि नहीं हुई। VHP कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह हत्या सांप्रदायिक हिंसा का नतीजा है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और बांग्लादेश सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से भी इस मामले में कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप करने की अपील की।
यह भी देखेंःMaulana Fazlur Rehman launches: ल्यारी से मौलाना फजलुर रहमान का तीखा हमला, पाक सेना और सरकार की नीति पर सवाल
राजनयिक तनाव, सुरक्षा पर चिंता
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव भी बढ़ा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत में अपने राजनयिक मिशनों के बाहर हुए प्रदर्शनों और कथित हमलों पर कड़ी चिंता जताई है। इसी को लेकर भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया गया और मिशनों की सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया गया। बांग्लादेश का कहना है कि ऐसे प्रदर्शन और डराने वाली गतिविधियां अस्वीकार्य हैं और इससे आपसी संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ता है। दोनों देशों के बीच हालिया घटनाओं को लेकर कूटनीतिक संवाद तेज हो गया है।