
देश की राजनीति में उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर हलचल अब चरम पर है, इस बीच एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कई बड़े नेता मौजूद रहे. वहीं विपक्षी INDIA गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और गोवा के पहले लोकायुक्त जस्टिस (रिटायर्ड) बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाकर सबको चौंकाया हुआ है. अब ये चुनाव एक संवैधानिक प्रक्रिया से बढ़कर न्यायपालिका बनाम राजनीति का महामुकाबला बन गया है.
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विपक्ष का दांव क्या करेगा काम ?
आपको बता दें जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं. उनका करियर 1991 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से शुरू हुआ और बाद में वे सुप्रीम कोर्ट के जज बने. कई बड़े फैसलों में उनकी अहम भूमिका रही। रिटायरमेंट के बाद वे गोवा के पहले लोकायुक्त बने और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की. विपक्ष का मानना है कि उनकी साफ-सुथरी छवि और न्यायिक अनुभव उन्हें उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बनाता है। यही कारण है कि INDIA गठबंधन ने उन्हें मैदान में उतारकर संदेश देने की कोशिश की है कि वह संविधान और न्यायपालिका की गरिमा को सर्वोपरि मानता है.
#WATCH | NDA candidate for Vice President post, C.P. Radhakrishnan files his nomination in the presence of PM Narendra Modi. pic.twitter.com/CsVolb3mYh
— ANI (@ANI) August 20, 2025
बीजेपी के दांव से जीत सुनिश्चित
वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने अपने उम्मीदवार के रूप में सी.पी. राधाकृष्णन को उतारकर राजनीतिक तीर चलाया है. राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति के बड़े चेहरे हैं, दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं. बीजेपी का मानना है कि उनका संगठनात्मक अनुभव, राष्ट्रीय राजनीति की समझ और लंबे राजनीतिक करियर उन्हें उपराष्ट्रपति पद का सबसे मजबूत दावेदार बनाती है. अब 9 सितंबर को वोटिंग और काउंटिंग होगी. ऐसे में ये मुकाबला कांटे का साबित हो सकता है एक तरफ न्यायपालिका से आया ईमानदार चेहरा, तो दूसरी तरफ राजनीति का अनुभवी खिलाड़ी. अब ताज किसके सिर सजेगा, ये आने वाले समय में साफ होगा.