
Violent protests in Leh : लद्दाख में पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। पर्यावरणविद सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनके समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। बुधवार को स्थिति हिंसक हो गई जब लेह में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। भीड़ ने पथराव किया, सीआरपीएफ की गाड़ी और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। यहां तक कि प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन कर उसे आग लगा दी।
लेह में BJP कार्यालय ने आग लगा दी गई.
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) September 24, 2025
लद्दाख के लोग कई दिन से मोदी सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए.
आज प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठियां चलवाई गई, जिसके बाद प्रदर्शन उग्र हो गया. pic.twitter.com/Njf6Ev26oE
मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे लोग
प्रदर्शनकारियों की अगुवाई सोनम वांगचुक और लद्दाख की एपेक्स बॉडी कर रही है। उनकी चार मुख्य मांगें हैं— लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करना, दो लोकसभा सीटों का प्रावधान और जनजातीय समुदायों को आदिवासी का दर्जा। पांच अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। अब स्थानीय लोग कह रहे हैं कि सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया जाए।
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पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
लेह बंद के दौरान हजारों लोग सड़कों पर जमा हो गए। पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जबकि प्रदर्शनकारी लगातार पथराव कर रहे थे। स्थिति पर फिलहाल नियंत्रण बताया जा रहा है, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सोनम वांगचुक और उनकी टीम का कहना है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सामने रखने के लिए है, मगर अगर सरकार ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।