Viral Fever Kidney Damage: बदलते मौसम के चलते आजकल वायरल फीवर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। आम तौर पर वायरल फीवर 3-4 दिन में ठीक हो जाता है। ऐसे में लोग मान लेते हैं कि बीमारी पूरी तरह से खत्म हो गई है। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार वायरल बुखार ठीक होने के बाद भी शरीर के दूसरे अंगों, खासकर किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। हाल में इसी तरह के कुछ मामले सामने आए हैं।
कब होता है बुखार
बता दें कि वायरल फीवर अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, यह तब होता है कि जब कोई वायरस हमारे शरीर पर हमला करता है, तो शरीर उससे लड़ने के लिए अपना तापमान बढ़ता है, जिसे हम बुखार कहते हैं। वायरल फीवर आमतौर पर 3 से 7 दिन में अपने आप ठीक हो जाता है। वायरल बुखार किसी भी तरह के वायरस से हो सकता है। यह वायरस ही शरीर को नुकसान करता है। बुखार ठीक होने के बाद भी वायरस का असर रह सकता है। फिलहाल कुछ लोगों में बुखार ठीक होने के बाद भी किडनी से संबंधित समस्या देखी जा रही है।
किडनी की सेहत का ध्यान रखना जरूरी
डॉक्टर के अनुसार कुछ वायरस सीधे किडनी पर हमला करके उसे संक्रमित करते हैं, जबकि कुछ वायरस शरीर के इम्यून सिस्टम के जरिए किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए वायरल फीवर के बाद किडनी की सेहत पर ध्यान देना जरूरी होता है।
किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा
डायबिटीज के मरीज
हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीज
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
ऑर्गन ट्रांसप्लांट करा चुके लोग
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
यूरिन का कम आना
पैरों में सूजन होना
कमजोरी और सुस्ती महसूस होना
उल्टी आना
यूरिन गहरे रंग का होना
कैसे करते हैं जांच
डॉक्टर के अनुसार जिन लोगों में वायरल फीवर के बाद किडनी से जुड़ी समस्याएं देखी गई हैं, ऐसे में इसके सही कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टर खून और यूरिन की जांच करते हैं। जरूरत पड़ने पर किडनी की बायोपसी भी करा सकते हैं। ताकि सही रिपोर्ट के आधार पर तुरंत इलाज शुरू किया जा सके।