War intensifies in Middle East: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है। संघर्ष के सातवें दिन भी हालात शांत होने के संकेत नहीं मिले हैं। दोनों पक्षों की ओर से हमले जारी रहने के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस बीच ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने समुद्र में अमेरिकी तेल टैंकर को निशाना बनाया और कुवैत में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर भी हमला किया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
ईरान का बड़ा दावा
ईरानी सेना का कहना है कि उसने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद अमेरिकी तेल टैंकर की ओर मिसाइलें दागीं। इसके साथ ही कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर भी हमला करने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और तेज हो गई हैं और कई देशों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
भारत और श्रीलंका से बातचीत
इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने क्षेत्रीय हालात पर भारत और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों से फोन पर चर्चा की। बातचीत के दौरान उन्होंने हालिया हमलों की आलोचना की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। दोनों पक्षों ने आपसी संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ किसी भी समझौते की स्थिति तभी बनेगी जब वह बिना शर्त आत्मसमर्पण करेगा। ट्रंप का यह भी कहना है कि मौजूदा संघर्ष कई सप्ताह तक जारी रह सकता है।
हिजबुल्लाह पर दावा
संघर्ष का असर लेबनान तक भी पहुंच गया है। इजरायल ने दावा किया है कि लेबनान में सक्रिय संगठन हिजबुल्लाह दबाव में है और वह संघर्ष से पीछे हटने पर विचार कर रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में सैन्य और राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ रही है।