ED tightens noose on Anmol Jain: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹3.30 करोड़ की एक इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह संपत्ति राजस्थान के खैरथल-तिजारा क्षेत्र के खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित है। ईडी की यह कार्रवाई फर्जी कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
ED की कार्रवाई, प्रॉपर्टी की हुई अटैचमेंट
ईडी के ईटानगर सब-जोनल ऑफिस ने यह कार्रवाई M/s Prisha Exim और उसके संचालक अनमोल जैन से जुड़े मामले में की है। 7 जनवरी 2026 को जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत करीब 1,195 वर्ग गज की औद्योगिक संपत्ति को जब्त किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति अपराध से अर्जित आय से जुड़ी हुई है।
फर्जी फर्मों से बना ITC का नेटवर्क
जांच की शुरुआत एक एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिसमें सामने आया कि M/s Shree Ram Enterprises नाम की फर्म ने बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के करीब ₹116 करोड़ का फर्जी ITC तैयार किया। यह क्रेडिट कई शेल कंपनियों के माध्यम से आगे बढ़ाया गया, जिनमें Nemchand Singh Traders, Yogesh Traders और अन्य कागजी फर्में शामिल थीं।
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Prisha Exim तक कैसे पहुंचा फर्जी क्रेडिट
ईडी के मुताबिक, Technofab International नाम की एक गैर-मौजूद फर्म के जरिए फर्जी ITC को आगे ट्रांसफर किया गया। इसी रास्ते से अनमोल जैन की कंपनी M/s Prisha Exim को करीब ₹7.39 करोड़ का अवैध ITC मिला, जिसका इस्तेमाल नकली बिल और ई-वे बिल के जरिए GST देनदारी चुकाने में किया गया।
आगे भी जांच जारी
जांच में यह भी सामने आया कि भुगतान की गई राशि को देशभर में फैली कई शेल कंपनियों में घुमाया गया। इन कंपनियों का कारोबार सिर्फ कागजों तक सीमित था। अटैच की गई संपत्ति M/s Prisha Electricals के नाम पर दर्ज है, जो पूरी तरह अनमोल जैन के नियंत्रण में है। ईडी का कहना है कि इस मामले में आगे और भी बड़ी कार्रवाई संभव है।