Weight Loss Medication Rules: अगर आप भी फिट दिखने की चाहत में बिना डॉक्टरी सलाह के वजन घटाने वाली दवाएं ले रहे हैं, तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। जी हां क्योंकि केंद्र सरकार ने ऐसी दवाओं की अनियंत्रित बिक्री और विज्ञापनों पर अपना रुख सख्त कर लिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने GLP-1 आधारित वेट लॉस दवाओं की सप्लाई चेन में अनियमितताओं और बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए देशभर में निगरानी बढ़ा दी है।
49 जगहों पर की गई छापेमारी
पिछले कुछ हफ्तों में बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 49 जगहों पर छापेमारी और जांच की गई। इनमें ऑनलाइन फार्मेसी, थोक विक्रेता, मेडिकल स्टोर और स्लिमिंग क्लीनिक शामिल हैं. जांच में जहां-जहां गड़बड़ी मिली, वहां नोटिस भी जारी किए गए हैं।
क्या हैं GLP-1 दवाएं?
आपको बता दें कि GLP-1 दवाएं मूल रूप से डायबिटीज के इलाज के लिए बनाई गई थीं, लेकिन इस दवा का इस्तेमाल वजन घटाने के लिए किया जाने लगा। क्योंकि ये दवाएं भूख को कम करने में मदद करती है और शरीर में शुगर लेवल को कंट्रोल करती हैं। हालांकि, बिना डॉक्टर की निगरानी के इनका इस्तेमाल करना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।
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नियम तोड़ने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
सरकार का साफ कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। बिना डॉक्टर की निगरानी के इन दवाओं का इस्तेमाल करने से स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। नियमों के मुताबिक, ये दवाएं सिर्फ एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर और कुछ मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह पर ही दी जा सकती हैं। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द किया जाएगा। साथ ही भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गलत प्रिस्क्रिप्शन और भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी।
निगरानी और भी तेज की जाएगी
आपको बता दें कि इससे पहले 10 मार्च को सभी दवा कंपनियों को एक एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट रूप से कहा गया था कि वे इन दवाओं का किसी भी तरह का प्रत्यक्ष या परोक्ष प्रचार न करें, जिससे लोग गुमराह हों या ऑफ-लेबल इस्तेमाल के लिए प्रेरित हों। आने वाले समय में इस पर निगरानी और भी तेज की जाएगी।