पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे आने के बाद अब सियासी जंग सड़क पर उतरती दिखाई दे रही है। अलग-अलग जिलों से हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और मौत की खबरों ने पूरे राज्य का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। अब तक चुनाव बाद हिंसा में 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई इलाकों में राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं।
आसनसोल में TMC दफ्तर आग में राख
आसनसोल के कोर्ट मोड़ इलाके में देर रात तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर में आग लगा दी गई। यह दफ्तर वार्ड नंबर 53 की पार्षद मौसमी बोस का बताया जा रहा है। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा कार्यालय जलकर राख हो गया और पास की दुकान को भी नुकसान पहुंचा। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। बीजेपी विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि आसपास लगे CCTV फुटेज की जांच होगी और हिंसा करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।
लेनिन की प्रतिमा टूटी, सियासत और गरमाई
मुर्शिदाबाद के जियागंज इलाके में दशकों पुरानी लेनिन की प्रतिमा तोड़ दी गई। महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों ने यह कार्रवाई की और वहां दूसरी प्रतिमा लगाने की तैयारी थी। हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि घटना में उसके कार्यकर्ताओं का कोई हाथ नहीं है।
न्यू मार्केट में बुलडोजर और भारी बवाल
कोलकाता के ऐतिहासिक हॉग मार्केट इलाके में देर रात बुलडोजर लेकर पहुंचे लोगों ने कथित तौर पर TMC कार्यालय और कई दुकानों में तोड़फोड़ की। इलाके में अफरा-तफरी मच गई और व्यापारियों को दुकानें बंद करनी पड़ीं। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में हुई। टीएमसी ने इसे ‘बुलडोजर राजनीति’ बताते हुए बीजेपी पर हमला बोला।
तीन मौतों से बढ़ा तनाव
हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कोलकाता के बेलेघाटा में टीएमसी कार्यकर्ता विश्वजीत पटनायक की हत्या हुई। वहीं बीरभूम के नानूर में एक टीएमसी कार्यकर्ता और न्यू टाउन में बीजेपी कार्यकर्ता की मौत हुई। पुलिस का कहना है कि कुछ घटनाएं आपसी विवाद और बहस के दौरान हुईं, लेकिन दोनों दल लगातार एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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चुनाव आयोग का सख्त आदेश
बढ़ती हिंसा के बीच निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा। पूरे राज्य में लगातार गश्त बढ़ा दी गई है।
बीजेपी बोली- हमारे लोग शामिल नहीं
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि कुछ छिटपुट घटनाएं जरूर हुई हैं, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ता इसमें शामिल नहीं हैं। उनका दावा है कि सत्ता बदलने के बाद अब पुराने समीकरण टूट रहे हैं और उसी वजह से अंदरूनी संघर्ष सामने आ रहा है। फिलहाल बंगाल में हालात पूरी तरह संवेदनशील बने हुए हैं और नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।