पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान 11 बजे तक करीब 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कोलकाता, हावड़ा, नादिया और दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों में मतदाता बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंचे। इसी बीच कुछ जगहों पर तनाव और झड़प की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया है। प्रशासन ने हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।
पीड़ित परिवार का गंभीर आरोप
आरजी कर मामले की पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला करने की कोशिश की। उनका कहना है कि मोटरसाइकिल सवार लोगों ने नारेबाजी की और रास्ता रोकने की कोशिश की। उन्होंने पुलिस पर भी निष्क्रियता का आरोप लगाया। हालांकि इन आरोपों पर दूसरी तरफ से इनकार किया गया है, जिससे मामला और संवेदनशील बन गया है।
नेताओं के बीच टकराव
भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी के सामने नारेबाजी का मामला भी सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां बाहरी लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को गलत बताया और शांतिपूर्ण मतदान का दावा किया। इस बयानबाजी से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
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झड़प और आरोपों का सिलसिला
दक्षिण 24 परगना के भंगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस और आईएसएफ समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके अलावा बीजेपी ने फाल्टा में मतदान केंद्र पर चुनाव चिह्न से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। नादिया में भी एक पार्टी कार्यकर्ता पर हमले की बात सामने आई है। इन घटनाओं ने चुनाव की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बंगाल में लोग बड़ी संख्या में और बिना डर के मतदान कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता शौकत मोल्ला ने केंद्रीय एजेंसियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। साफ है कि मतदान के साथ-साथ सियासी बयानबाजी भी चरम पर है और आने वाले समय में इसका असर नतीजों पर दिख सकता है।