Government School Report: अक्सर हम जब भी सरकारी स्कूलों के बारे में सोचते हैं तो हमारे दिमाग में अव्यवस्थाएं और सुविधाओं की कमी ही समझ आती है, लेकिन अब उस सोच को बदले का समय आ गया है। नई स्कूल शिक्षा रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अब न सिर्फ स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है बल्कि शिक्षकों की संख्या में भी जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली है। सरकारी स्कूलों में अब बच्चे केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि कंप्यूटर तकनीक पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही अब स्कूलों में लड़कियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। आज हम आपको उन 10 बदलावों के बारे में बताएंगे जो हाल के दिनों में स्कूलों में देखने को मिले हैं। यह सभी आंकड़े शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हैं।
1 करोड़ के पार हुए शिक्षक
सरकारी स्कूलों में अब टीचरों की कमी बीते जमाने की बात हो गई है। नई रिपोर्ट बताती है कि भारत में टीचरों की संख्या 1.02 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इसका अर्थ ये है कि अब शिक्षकों पर दवाब कम होगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी।
टीचरों का बोझ हुआ कम
पहले कई बार देखा जाता था कि स्कूलों में टीचरों पर काफी दवाब होता था। एक टीचर को कई क्लासों को संभालना पड़ता था जिससे बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ता था। लेकिन शिक्षकों की कमी दूर होने से अब बच्चों की पढ़ाई पर अधिक फोकस किया जा रहा है।
बच्चों जाग रही शिक्षा की ललक
शिक्षा मंत्रालय के कड़े प्रयासों का फल अब दिखने लगा है। पहले के मुकाबले बच्चों के स्कूल छोड़ने के आंकड़े में जबरदस्त गिरावट हुई है। बच्चे अब पढ़ाई की तरफ ज्यादा अग्रसर दिख रहे हैं।
बीच में नहीं छूट रही बच्चों की पढ़ाई
आंकड़े केवल यह नहीं बता रहे कि बच्चों के एडमिशन में वृद्धि हुई है, बल्कि बच्चे मिडिल और सेकेंडरी तक अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं।
10वीं तक पहुंचने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि
अब पहले से ज्यादा बच्चे सेकेंडरी क्लास तक पहुंच रहे हैं। पहले बच्चे बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते थे, लेकिन अब इस आंकड़े में बहुत अधिक गिरावट देखी जा रही है
अगली कक्षा में पहुंचना हुआ और भी आसान
हर वर्ष पहले से अधिक बच्चे बिना पढ़ाई छोड़े अगली क्लास में पहुंच रहे हैं। ये दिखाता है कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई लगातार जारी है।
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कभी एक टीचर के सहारे चलते थे स्कूल
देश में पहले ऐसे कई स्कूल थे जहां एक ही टीचर के भरोसे पूरे स्कूल के बच्चे थे, लेकिन अब इस आंकड़े में भी कमी आई है।
सिर्फ ब्लैक बोर्ड नहीं कंप्यूटर शिक्षा पर ही जोर
निजी स्कूलों की तरह अब देश के सरकारी स्कूल भी तकनीकी रूप से सक्षम हो रहे हैं। अब बच्चे केवल रटन विद्या या ब्लैक बोर्ड के सहारे नहीं, बल्कि कंप्यूटर से भी शिक्षा ले रहे हैं।
सिर्फ पढ़ाई ही नहीं सुविधाएं भी हुईं बेहतर
स्कूलों में जर्जर भवन, बिजली न आना अब बीते जमाने की बात है। क्योंकि अब बच्चों के लिए स्कूलों में कई सुविधाएं शुरू की गई हैं। अब बच्चों को बेहतर पढ़ाई के साथ-साथ लाइब्रेरी, इंटरनेट और शौचालय की अच्छी सुविधा दी जा रही है।
स्कूलों में बढ़ी लड़कियों की संख्या
स्कूलों में अब लड़कियों की भी संख्या में काफी वृद्धि देखने को मिली है। लड़कियां अब पहले के मुकाबले ज्यादा स्कूलों में दाखिले ले रही हैं।