UPTET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा UPTET 2026 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस परीक्षा में 13 लाख से अधिक उम्मीदवार पास हुए हैं। बता दें, पहली बार इस परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का इस्तेमाल हुआ, जिससे कई छात्रों को फ़ायदा हुआ, तो कुछ अभ्यर्थियों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। कई उम्मीदवार दशमलव के मामूली अंतर से फेल हो गए हैं।
क्या है नॉर्मलाइजेशन फ़ॉर्मूला
बता दें कि जब भी कोई बड़ी परीक्षा होती है तो उसे एक ही दिन में पूरा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि परीक्षार्थी अधिक होते हैं, परीक्षा अलग-अलग शिफ़्टों में कराई जाती है। हर शिफ़्ट के प्रश्नपत्र का कठिनाई स्तर अलग होता है। इसी अंतर को बराबर करने के लिए नॉर्मलाइजेशन फ़ॉर्मूला लागू किया जाता है। जिन अभ्यर्थियों की शिफ़्ट का पेपर कठिन था, उनके 5 से 10 नंबर तक बढ़ गए। फ़ॉर्मूले के कारण प्राप्तांक दशमलव में बदल गए, जिससे कई अभ्यर्थी पासिंग मार्क्स के बेहद क़रीब आकर भी फेल हो गए।
प्वाइंट्स के अंतर से हो गए फेल
आसंर की से मिलान के बाद जो अभ्यर्थी ख़ुद को पास मान रहे थे, रिज़ल्ट आने पर वे दशमलव के मामूली अंतर से पिछड़ गए। आरक्षित वर्ग में 82 नंबर पर पास होना था, लेकिन कई उम्मीदवारों को 81.99 या 81.5 अंक मिले। महज 0.00033 जैसे मामूली अंतर से अभ्यर्थियों को फेल कर दिया गया।
यह भी पढ़ें: UP Special TET 2026: यूपी स्पेशल टीईटी 2026 का नोटिफिकेशन जारी, इस दिन से शुरू होंगे आवेदन
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक पुराने आदेश का हवाला देते हुए अभ्यर्थी पास किए जाने की गुहार लगा रहे हैं। हाईकोर्ट ने पूर्व में आदेश दिया था कि यदि कोई आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी आधा 0.5) नंबर कम रहने के कारण फेल हो रहा है, तो उसे छूट देकर पास माना जाए। अभ्यर्थी माँग कर रहे हैं कि 81.5 या उससे अधिक अंक पाने वालों को राहत दी जाए। फिलहाल गलत सवालों और इन सभी समस्याओं के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने एक कमेटी बनाई है, जिसके बाद आखिरी फैसला लिया जाएगा।