Prateek Yadav Death Reason: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की बुधवार की सुबह मौत हो गई है। उनकी मृत्यु के बाद से ही सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। प्रतीक के शव को देखकर जहर की भी आशंका जताई गई। अखिलेश यादव ने इसकी जांच कराने की बात कही। प्रतीक के शव का पोस्टमॉर्टम हो चुका है। लेकिन उसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। ऐसे में प्रतीक यादव की मौत के पीछे फेफड़ों से जुड़ी बीमारी से जूझने की बात सामने आ रही है।
फेफड़ों की बीमारी से थे पीड़ित
दावा किया जा रहा है कि प्रतीक यादव फेफड़े की बीमारी से पीड़ित थे। प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों में क्लॉटिंग की बीमारी से जूझ रहे थे। इसे लेकर वे कई अस्पतालों में इलाज भी करा चुके थे। हाल ही में प्रतीक मुंबई के अस्पताल में भी भर्ती हुए थे। इसके अलावा कुछ दिन पहले उन्हें मेदांता अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था।
क्या लंग क्लॉट जानलेवा है?
आपको बता दें कि फेफड़ों में खून का थक्का जमना, जिसे मेडिकल भाषा में पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है, एक गंभीर स्थिति है। इस बीमारी की वजह से जान भी जा सकती है। यह आमतौर पर तब होता है जब शरीर के किसी दूसरे हिस्से (अक्सर पैरों) की नस में बना थक्का टूटकर खून के बहाव के साथ फेफड़ों तक पहुंच जाता है और वहां की किसी धमनी (artery) को ब्लॉक कर देता है।
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क्लॉट क्यों बनते हैं?
बता दें कि लंबे समय तक फ्लाइट में बैठने या अन्य क्लॉटिंग डिसऑर्डर की वजह से हो सकता है। ज्यादा देर तक पैर लटका कर या चुपचाप रखकर पैरों में क्लॉट जम जाते हैं। इसके अलावा कुछ चीजें होती हैं जिनकी कमी की वजह से भी क्लॉट ज्यादा होता है। साथ ही धूम्रपान और अधिक वजन के कारण भी ये बीमारी हो सकती है।
फेफड़ों में क्लॉटिंग के मुख्य लक्षण
सांस फूलना
सीने में दर्द
सूखी खांसी या खांसी के साथ खून आना।
दिल की धड़कन का बहुत तेज होना
चक्कर आना
शरीर में नीलापन