Irans new Supreme Leader: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर पिछले एक महीने से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। सार्वजनिक रूप से उनकी अनुपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि अब इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए ईरान में रूस के राजदूत एलेक्सी डेडोव ने स्पष्ट किया है कि खामेनेई ईरान में ही मौजूद हैं और देश से बाहर नहीं गए हैं।
रूसी राजदूत का बयान
राजदूत एलेक्सी डेडोव ने एक इंटरव्यू में बताया कि मुज्तबा खामेनेई फिलहाल सुरक्षा और अन्य कारणों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा हालात को देखते हुए उनका लो-प्रोफाइल रहना एक रणनीतिक फैसला हो सकता है। इस बयान के बाद उन खबरों पर विराम लग गया है जिनमें उनके विदेश में होने की बात कही जा रही थी।
मॉस्को जाने की अफवाहें
इससे पहले कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि खामेनेई को इलाज के लिए रूस की राजधानी मॉस्को भेजा गया है, जहां उन्हें व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर रखा गया है। हालांकि रूस की ओर से आए ताजा बयान ने इन दावों को खारिज कर दिया है। रूस और ईरान के करीबी संबंधों के चलते ऐसी अटकलें और भी तेज हो गई थीं।
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प्रतिक्रिया और सवाल
खामेनेई की गैरमौजूदगी के बावजूद ईरान में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर उनके समर्थन में प्रदर्शन करते दिखे। लोगों ने अपनी वफादारी जताई, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठने लगा कि देश का संचालन वास्तव में कौन कर रहा है। खासकर तनावपूर्ण हालात में नेतृत्व की स्पष्ट उपस्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।
प्रभावशाली भूमिका
56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की सत्ता में पर्दे के पीछे प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। वे अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं और उनके कार्यकाल में महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल माने जाते थे। हालांकि वे सार्वजनिक मंचों से दूर ही रहते थे, और अब सुप्रीम लीडर बनने के बाद भी उनकी यही शैली जारी है, जो लोगों के बीच जिज्ञासा और बहस का विषय बनी हुई है।