मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम की हत्या के बाद न्याय की मांग को लेकर कई सामाजिक संगठनों, वकीलों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन विवाद बढ़ने पर लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान हिरासत में लिए गए वकील रवि गौतम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एसएसपी अविनाश पांडेय पुलिस वाहन के अंदर जाकर उन्हें थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
विपक्ष ने क्यों उठाए सवाल?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना की आलोचना की है। दोनों नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। चंद्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मेरठ पहुंचने की घोषणा भी की है। दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन की ओर से मामले में अपनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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कौन हैं IPS अविनाश पांडेय?
अविनाश पांडेय 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले ही मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे लखनऊ एसएसएफ वाहिनी, गाजियाबाद में एसपी सिटी, प्रयागराज महाकुंभ और मेरठ में एसपी देहात जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रह चुके हैं। अपने प्रशासनिक अनुभव और कानून-व्यवस्था से जुड़े अभियानों के कारण वे पहले भी चर्चा में रहे हैं।
पहले भी रहे हैं सुर्खियों में
अविनाश पांडेय इससे पहले पंजाब पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमले के आरोपियों के खिलाफ पीलीभीत में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे। अब मेरठ की इस घटना के बाद उनका नाम फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि मामले की जांच होती है, तो उसके निष्कर्ष आगे की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।