उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव में महामृत्युंजय पूजा के दौरान हुए गोलीकांड के बाद पीड़ित परिवारों में गहरा दुख है। आरोप है कि पूजा के दौरान पहचान पत्र को लेकर हुए विवाद के बाद अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता और पूजा कराने पहुंचे दो पुरोहितों पर गोली चला दी। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई। बाद में पुलिस कार्रवाई के दौरान अरविंद की भी मौत हो गई। घटना से जुड़े एक घायल युवक की भी बाद में जान चली गई। इस तरह पूरे घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
कई पीढ़ियों से कर रहे थे पुरोहिताई
मृतक पुरोहित महेंद्र पाठक के बड़े भाई राजेंद्र पाठक ने घटना के बाद परिवार का दर्द साझा किया। उनका कहना है कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से अरविंद सिंह के परिवार में पूजा-पाठ और पुरोहिताई करता रहा है। परिवार के मुताबिक, अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या के बाद भी आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने उनके परिवार की आत्मा की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराया था। अब इस घटना के बाद परिवार ने फैसला किया है कि भविष्य में अरविंद के घर कभी पूजा-पाठ या पुरोहिताई नहीं की जाएगी।
दो पुरोहित थे आपस में रिश्तेदार
बताया गया है कि घटना में मारे गए दोनों पुरोहित आपस में मौसेरे भाई थे। महेंद्र पाठक के साथ उनके रिश्तेदार अखिलेश मिश्रा और अखिलेश का बेटा आयुष भी पूजा कराने के लिए वहां पहुंचे थे। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद महेंद्र और अखिलेश को गोली मार दी गई। आयुष किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहा। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
परिजनों को नहीं समझ आ रहा हत्या का कारण
मृतक अखिलेश मिश्रा कितौना भटौली के रहने वाले थे, जबकि महेंद्र पाठक पटखौली के निवासी बताए गए हैं। दोनों परिवारों में घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि वे इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर पूजा के दौरान ऐसा विवाद किस वजह से इतना बढ़ गया। पुलिस अब घटना के पीछे की वजह, पुराने विवाद और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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पड़ोसी ने अरविंद के व्यवहार को लेकर कही बात
घटना के बाद एक पड़ोसी ने दावा किया कि अरविंद पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था और उसका व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा था। पड़ोसी के मुताबिक, पूजा के दौरान भी उसने अचानक असामान्य व्यवहार किया और इसके बाद गोलीबारी की घटना हुई। हालांकि, किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जा सकता है। पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पुलिस कार्रवाई में अरविंद की भी मौत
पूजा के दौरान गोलीबारी के बाद अरविंद ने अपने बच्चों को कथित तौर पर बंधक बना लिया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए कार्रवाई की। इसी दौरान पुलिस मुठभेड़ में अरविंद की मौत हो गई। घटना में घायल उसके एक बेटे की भी बाद में मौत होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि विवाद की वास्तविक वजह और घटनाओं का क्रम स्पष्ट हो सके।