AI Vs Budget Phones: अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं या इंतजार कर रहे हैं कि अगले साल फोन सस्ते होंगे, तो आपके लिए झटका देने वाली खबर है। दुनिया भर में स्मार्टफोन की कीमतें अचानक बढ़ने लगी हैं और इसका कारण कोई फैक्ट्री बंद होना या सप्लाई की समस्या नही है। इसके पीछे असली वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग है।
AI डेटा सेंटरों में इस्तेमाल होने वाली खास मेमोरी चिप्स बनाने के लिए टेक कंपनियां अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं। इसके चलते आम स्मार्टफोनों में लगने वाली मेमोरी चिप्स (DRAM और NAND) की भारी कमी हो गई है। इसका सीधा असर भारत के बजट स्मार्टफोन मार्केट पर पड़ रहा है।
स्मार्टफोन में क्यों आ रही तेजी?
स्मार्टफोन में मेमोरी चिप्स सबसे अहम हिस्सा होती है। जहां पहले किसी फोन की कुल लागत में चिप का हिस्सा सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत होता था, वहीं अब यह बढ़कर 30 से 40 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 10 हजार वाले सस्ते फोनों में अब आधी से ज्यादा लागत सिर्फ चिप्स की आ रही है।
बड़ी कंपनियों का AI पर फोकस
सैमसंग और माइक्रोन जैसी दिग्गज कंपनियां अपना ध्यान AI चिप्स बनाने पर लगा रही हैं, जिससे आप फोनों के लिए मेमोरी की कमी हो गई है।
शाओमी, वीवो और ओप्पो जैसे ब्रांड्स पर असर
भारत में चीनी ब्रांड्स की हिस्सेदारी घटकर 67-68% रह गई है, जो पिछले 8 सालों में सबसे कम है। शाओमी और रेडमी जैसे ब्रांड्स ने अपने लोकप्रिय मॉडलों के दाम 4000 रुपये तक बढ़ा दिए हैं और स्पेक्स में कटौती करना शुरू कर दिया है।
भारतीय ब्रांड्स को मिला मौका
चीनी कंपनियों के बजट सेगमेंट से कदम पीछे खींचने का फायदा भारतीय ब्रांड्स को मिला है। Lava और Ai+ जैसे भारतीय ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 7 प्रतिशत हो गई है। नया ब्रांड Ai+ सबसे तेजी से उभरकर सामने आया है, जिसकी बिक्री में 300 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल देखा गया। हालांकि भारतीय कंपनियां भी महंगी चिप्स की समस्या से जूझ रही हैं, लेकिन वे कम स्पेक्स वाले फोन बनाकर मार्केट में टिकी हुई हैं।
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कब तक बनी रहेगी यह समस्या
डेल और माइक्रोन के अनुसार 2027 में चिप्स की कमी और भी ज्यादा गहरी होही। नई चिप बनाने की फैक्ट्रियां तैयार होने में लगभग 4 साल का वक्त लगता है। ऐसे में 2029 या 2030 से पहले पर्याप्त सप्लाई मिलने की उम्मीद नहीं है। अगर सप्लाई सुधर भी जाती है, तब भी कंपनियों द्वारा फोन के दाम घटने की संभावना बहुत कम है।