आज भी बहुत से लोग मानते हैं कि अगर कमाई अच्छी है तो बैंक आसानी से सस्ता लोन दे देगा। लेकिन अब ऐसा नहीं है। बैंक अब सिर्फ आपकी सैलरी नहीं देखते, बल्कि यह भी देखते हैं कि आप पैसे को कैसे संभालते हैं। यानी आपकी EMI समय पर जाती है या नहीं, क्रेडिट कार्ड कैसे इस्तेमाल करते हैं और पहले लिया गया कर्ज कैसे चुकाया। यही वजह है कि एक जैसी आय वाले दो लोगों को भी अलग-अलग ब्याज दर पर लोन मिल रहा है।
एक जैसी प्रोफाइल, अलग-अलग लोन
रोहित और कुलदीप का उदाहरण इसे साफ समझाता है। दोनों की उम्र 35 साल, सालाना आय 16 लाख रुपये और होम लोन की रकम 50 लाख रुपये थी। दोनों ने एक ही बैंक में एक ही समय पर लोन के लिए आवेदन किया। इसके बावजूद रोहित को 8.5 प्रतिशत ब्याज पर 25 साल का लोन मिला, जबकि कुलदीप को 9.8 प्रतिशत ब्याज पर 24 साल का लोन ऑफर हुआ।
EMI और कुल खर्च में बड़ा फर्क
इस छोटे से ब्याज अंतर ने बड़ा असर डाला। रोहित की EMI करीब 40 हजार रुपये बनी, जबकि कुलदीप को हर महीने करीब 45 हजार रुपये चुकाने पड़े। पूरे लोन समय में कुलदीप लगभग 10 लाख रुपये ज्यादा ब्याज देगा। यानी सैलरी बराबर होने के बाद भी सिर्फ क्रेडिट स्कोर की वजह से कुलदीप को भारी नुकसान हुआ।
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क्रेडिट व्यवहार क्यों बनता है कारण
बैंक ने रोहित को बेहतर शर्तें इसलिए दीं क्योंकि उसने कभी EMI मिस नहीं की। उसका पुराना कार लोन समय पर खत्म हो चुका था और वह क्रेडिट कार्ड का सीमित इस्तेमाल करता था। वहीं कुलदीप के रिकॉर्ड में कुछ पेमेंट देरी से हुई थीं और क्रेडिट कार्ड का बकाया भी अक्सर ज्यादा रहता था। बैंक की नजर में यही छोटी बातें बड़ा जोखिम बन जाती हैं।
बैंक अब कैसे तय करते हैं ब्याज
फाइनेंस एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अब बैंक कंप्यूटर सिस्टम और डेटा के आधार पर फैसला लेते हैं। आपकी रिपेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल, पुराने लोन और क्रेडिट हिस्ट्री की लंबाई सब देखी जाती है। सैलरी यह दिखाती है कि आप कमा सकते हैं, लेकिन क्रेडिट स्कोर यह बताता है कि आप भरोसेमंद ग्राहक हैं या नहीं।
अच्छा क्रेडिट स्कोर क्यों जरूरी
आज के समय में क्रेडिट स्कोर सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय पहचान है। अच्छा स्कोर होने पर कम ब्याज, ज्यादा लोन लिमिट और जल्दी अप्रूवल मिलता है। खराब स्कोर होने पर ज्यादा ब्याज देना पड़ता है या लोन रिजेक्ट भी हो सकता है। इसलिए समय पर EMI देना, जरूरत से ज्यादा कर्ज न लेना और क्रेडिट लिमिट का सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। यही आदतें आपको भविष्य में सस्ता और बेहतर लोन दिला सकती हैं।