चांदी की कीमतों ने इस समय बाजार में सबको चौंका दिया है। कुछ ही हफ्तों में चांदी के भाव में लाखों रुपये की तेजी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई है। भारत में भी इसका असर साफ दिख रहा है। यहां चांदी के दाम 3,40,000 रुपये प्रति किलो के ऊपर निकल चुके हैं, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
आज 24 जनवरी को क्या चल रहा है भाव
24 जनवरी शनिवार को सर्राफा बाजार में चांदी का भाव करीब 3,40,010 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है। दिल्ली और मुंबई में लगभग यही रेट चल रहा है। चेन्नई में चांदी और महंगी है, जहां दाम करीब 3,45,100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। हैदराबाद में भी कीमतें इससे ऊपर बताई जा रही हैं। अहमदाबाद और वडोदरा में चांदी 3,40,100 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है।
एक साल में चार गुना कैसे बढ़ी कीमत
अगर एक साल पहले की बात करें तो जनवरी 2025 में चांदी का भाव करीब 84,800 रुपये प्रति किलो था। आज जनवरी 2026 में वही चांदी 3,40,000 रुपये के पार पहुंच चुकी है। यानी सिर्फ एक साल में चांदी करीब चार गुना महंगी हो गई है। कुल मिलाकर चांदी की कीमत में करीब 2,55,000 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जो करीब 300 प्रतिशत से ज्यादा है।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिली रफ्तार
चांदी की इस तेजी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार है। न्यूयॉर्क ट्रेडिंग के दौरान चांदी की कीमत 4 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर चली गई। साल 2025 में ही चांदी के दाम दोगुने हो चुके थे और 2026 की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 40 प्रतिशत की और तेजी आ चुकी है।
निवेशकों का बढ़ता भरोसा
दुनिया भर में बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश में हैं। ऐसे में सोने के साथ-साथ चांदी को भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है। डॉलर के कमजोर होने से भी चांदी की मांग बढ़ी है। इसके अलावा अमेरिकी नीतियों और वैश्विक घटनाओं ने निवेशकों को कागजी मुद्रा से हटकर असली संपत्ति की ओर मोड़ा है।
मांग ज्यादा, सप्लाई कम बनी बड़ी वजह
चांदी अब सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सुरक्षा उपकरणों में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। वहीं पिछले कई सालों से बाजार में चांदी की सप्लाई मांग के मुकाबले कम बनी हुई है। खदानों से निकलने वाली चांदी कम है और मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि चांदी के दाम थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।