NEET UG 2026: 3 मई को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के बाद केंद्र सरकार अब कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। आगामी 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को पूरी तरह फूलप्रूफ बनाने के लिए सरकार एक अभूतपूर्व कदम उठाने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग करने पर विचार कर रही है।
हाई लेवल मीटिंग हुई
मिली जानकारी के अनुसार इस नए सुरक्षा प्लान को लेकर दिल्ली में एक हाई-लेवल मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और एनटीए (NTA) के अधिकारी भी शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा हुई कि 21 जून की परीक्षा के प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए वायुसेना के विमानों की मदद ली जा सकती है।
पीएम मोदी को दी जा रही हर अपडेट
हालांकि अभी इस विकल्प पर कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है। इस पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेंगे। सूत्रों का कहना है कि 21 जून को होने वाली नीट यूजी परीक्षा के लिए पीएम मोदी खुद NEET री-एग्जाम की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
इस बैठक में केवल प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्ट पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को कसने पर जोर दिया गया। बैठक में शिक्षकों द्वारा पेपर सेटिंग, प्रश्नपत्रों की छपाई, पैकिंग, पेपरों का कस्टडी सेंटर्स और फाइनल सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। इस दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के कई सीनियर ऑफिसर मौजूद रहे।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
आपको बता दें कि NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 22 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा के चार दिन बार एनटीए को परीक्षा में गड़बड़ी और अनियमिताओं की जानकारी मिली। सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर एक ‘गेस पेपर’ वायरल हुआ, जिसके सवाल असली परीक्षा से हूबहू मैच कर रहे थे। पुख्ता सबूत मिलने के बाद एनटीए ने 12 मई 2026 को इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का फैसला लिया और 21 जून को री-एग्जाम की नई तारीख घोषित की।
सीबीआई कर रही जांच
इस मामले की कमान CBI के हाथों में है। इस मामले में अब तक 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी, लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे, पुणे के फिजिक्स टीचर तेजस हर्षदकुमार शाह और अन्य शिक्षक एवं कोचिंग से जुड़े लोग शामिल हैं। इस पूरे पेपर लीक मामले में कुलकर्णी को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।