दिल्ली सरकार की प्रस्तावित महिला समृद्धि योजना जल्द शुरू हो सकती है। सरकार ने इसके लिए मंत्रियों के समूह की रिपोर्ट भी प्राप्त कर ली है। माना जा रहा है कि रक्षाबंधन 2026 के आसपास इस योजना की शुरुआत हो सकती है। योजना लागू होने पर पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है। हालांकि अंतिम घोषणा सरकार की ओर से की जानी बाकी है।
इन राज्यों में पहले से मिल रही आर्थिक सहायता
देश के कई राज्यों में महिलाओं के लिए अलग-अलग नामों से आर्थिक सहायता योजनाएं चल रही हैं। कर्नाटक की गृह लक्ष्मी योजना के तहत महिला मुखिया को हर महीने ₹2000 दिए जाते हैं। मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना में वर्तमान में ₹1500 प्रति माह मिलते हैं। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹1000 प्रति माह दिए जाते हैं, जबकि महाराष्ट्र की माझी लाडकी बहीण योजना में भी ₹1500 मासिक सहायता मिलती है।
झारखंड में सबसे ज्यादा मासिक सहायता
झारखंड की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना देश की सबसे अधिक राशि देने वाली योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2500 सीधे बैंक खाते में भेजे जाते हैं। वहीं पश्चिम बंगाल की लक्ष्मी भंडार योजना में सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1000 और एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को ₹1200 प्रति माह मिलते हैं। तमिलनाडु की कलैगनार मगालिर उरिमाई थोगई योजना में भी ₹1000 मासिक सहायता दी जाती है।
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ओडिशा और हिमाचल की योजना अलग
ओडिशा की सुभद्रा योजना मासिक नहीं बल्कि वार्षिक सहायता योजना है। इसमें पात्र महिलाओं को सालभर में ₹10000 की सहायता दो किस्तों में दी जाती है। वहीं हिमाचल प्रदेश की इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत महिलाओं को ₹1500 प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलती है।
हर राज्य के नियम अलग-अलग
इन सभी योजनाओं के लिए पात्रता की शर्तें अलग हैं। अधिकांश राज्यों में महिला का संबंधित राज्य की स्थायी निवासी होना जरूरी है। कई योजनाओं में आय सीमा, उम्र, राशन कार्ड और परिवार की आर्थिक स्थिति जैसी शर्तें भी लागू हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य सरकार की आधिकारिक पात्रता शर्तों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
DBT के जरिए खाते में आती है राशि
ज्यादातर राज्यों में इन योजनाओं का लाभ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दिया जाता है। पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने या तय समय पर राशि सीधे भेजी जाती है। सरकारों का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके दैनिक खर्चों में सहयोग देना है।