ईरान को लेकर लगाए गए नए व्यापारिक शुल्क और वैश्विक तनाव के बीच भारत को लेकर एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से भले ही दुनिया में चिंता बढ़ी हो, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका असर सीमित रहने वाला है। तमाम दबावों के बावजूद भारत की आर्थिक रफ्तार थमती नहीं दिख रही है और अब इसका सबूत विदेश से आई नई रिपोर्ट में भी मिला है।
विश्व बैंक ने बढ़ाया भरोसा
विश्व बैंक ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ा दिया है। नई रिपोर्ट के मुताबिक अब भारत की अर्थव्यवस्था 7.2 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ सकती है। यह अनुमान पहले जताई गई 6.3 प्रतिशत की दर से कहीं ज्यादा है। विश्व बैंक ने साफ कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा।
क्यों मजबूत दिख रही भारतीय अर्थव्यवस्था
विश्व बैंक का कहना है कि भारत की घरेलू मांग बहुत मजबूत बनी हुई है। गांवों में आय बढ़ने, सरकारी कर राहत और खपत में सुधार की वजह से देश के भीतर खर्च का माहौल अच्छा है। इसी कारण विदेशी शुल्क बढ़ने के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था पर उसका असर कम पड़ने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों की खरीदारी की क्षमता बनी हुई है, जो विकास को आगे बढ़ा रही है।
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आगे के वर्षों को लेकर क्या संकेत
हालांकि विश्व बैंक ने यह भी बताया है कि अगर विदेशी शुल्क लंबे समय तक बने रहते हैं, तो अगले वित्त वर्ष में भारत की विकास दर कुछ कम होकर 6.5 प्रतिशत तक आ सकती है। इसके बावजूद भारत की स्थिति अन्य कई देशों से बेहतर रहने की उम्मीद जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण एशिया के बाकी देशों की तुलना में भारत का आर्थिक आधार ज्यादा मजबूत है।
निर्यात और खर्च पर चेतावनी
विश्व बैंक ने यह चेतावनी भी दी है कि विदेशी शुल्क बढ़ने से भारत के माल निर्यात पर असर पड़ सकता है। इससे विकास पर कुछ दबाव आ सकता है। इसके साथ ही राजकोषीय घाटे और सरकारी खर्च को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि सरकार धीरे धीरे घाटे को कम करने के उपाय करेगी।
मोदी सरकार के लिए बड़ी राहत
कुल मिलाकर यह रिपोर्ट नरेंद्र मोदी सरकार के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। वैश्विक अनिश्चितता और व्यापारिक दबावों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। विश्व बैंक का बढ़ा हुआ अनुमान यह दिखाता है कि भारत की विकास यात्रा फिलहाल रुकने वाली नहीं है और आने वाले समय में भी देश आर्थिक मोर्चे पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।