Yoga And Alzheimer Disease: हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाया जाता है। इस साल योग दिवस की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग'रखी गई है। दिलचस्प बात यह है कि इस थीम को अब वैज्ञानिक रिसर्च का भी साथ मिल गया है। दिल्ली स्थित देश के प्रतिष्ठित अस्पताल एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों ने एक हालिया स्टडी में पाया है कि रोज योग करने से अल्जाइमर के शुरुआती चरण के मरीजों को बहुत फायदा हो सकता है।
स्टडी में क्या आया सामने?
'अल्जाइमर रोग जर्नल' में छपी इस रिसर्च को एम्स के एनाटॉमी और न्यूरोलॉजी विभाग ने मिलकर किया है। इस स्टडी में हल्के अल्जाइमर से पीड़ित कुछ मरीजों को शामिल किया गया था, जिन्होंने लगातार 12 हफ्तों तक रोज 60 मिनट डॉक्टरों की देखरेख में योग किया। रिसर्च के शुरुआत और अंत में उनकी मानसिक क्षमता, डिप्रेशन के लक्षणों और आंतों में मौजूद बैक्टीरिया की संरचना का इवोल्यूशन किया गया।
योग करने से क्या बदलाव हुआ
मॉन्ट्रियल कॉग्निटिव असेसमेंट के आधार पर मरीजों की कॉग्निटिव क्षमता में सुधार दर्ज किया गया। मानसिक स्वास्थ्य की जांच करने वाले स्केल (PHQ-9) में पाया गया कि मरीजों में डिप्रेशन के लक्षण काफी कम हो गए। सबसे हैरान करने वाला बदलाव मरीजों के पेट (आंतों) में देखा गया। योग करने के बाद फैसालिबैक्टेरियम प्राउसनिट्जी, रोज़बुरिया इंटेस्टिनालिस, बिफिडोबैक्टीरियम और अक्करमैन्सिया जैसे लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या बढ़ गई, ये बैक्टीरिया शॉर्ट-चेन फैटी एसिड बनाते हैं, जिन्हें सूजन कम करने और ब्रेन व आंतों के बेहतर स्वास्थ्य से जोड़ा जाता है। जबकि नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया कम हो गए।
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पेट और दिमाग का आपस में गहरा संबंध
एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ एनाटॉमी की प्रोफेसर और स्टडी की प्रमुख रिसर्चर डॉ. रीमा दादा का कहना है कि हमारे पेट और दिमाग का आपस में गहरा संबंध होता है, जिसे 'गट-ब्रेन एक्सिस' कहते हैं। योग जैसी लाइफस्टाइल आधारित गतिविधियां आंतों में स्वस्थ माइक्रोबायोम वातावरण बनाने में मदद कर सकती हैं. उनके अनुसार लाभकारी बैक्टीरिया में वृद्धि और हानिकारक माइक्रोबायोम में कमी ब्रेन हेल्थ को बेहतर बनाने वाली जैविक प्रक्रियाओं से जुड़ी हो सकती है.
क्या योग अल्जाइमर का पूरा इलाज है?
एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. मंजरी त्रिपाठी ने साफ किया है कि योग को अल्जाइमर का अंतिम इलाज नहीं माना जा सकता। हालांकि, जिन लोगों में भूलने की बीमारी की शुरुआत हो रही है, उनके लिए योग दवाओं के साथ एक बेहतरीन और मददगार थेरेपी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि अध्ययन में मानसिक क्षमता, मनोदशा और आंतों के माइक्रोबियल कम्युनिटी में पॉजिटिव बदलाव दर्ज किए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अभी यह स्टडी छोटे स्तर पर की गई है, लेकिन इसके नतीजे बेहद उम्मीद जगाने वाले हैं।