Yogesh Sharma Success Story : सफलता की शुरुआत हमेशा बड़े मौके से नहीं होती। कई बार छोटी शुरुआत ही आगे चलकर बड़ी पहचान बनाती है। योगेश शर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने साल 2007 में मुंबई में मार्केटिंग एग्जिक्यूटिव के तौर पर नौकरी शुरू की थी। उस समय उनकी मासिक सैलरी सिर्फ 6,500 रुपये थी। लेकिन उनके मन में अपना कारोबार शुरू करने का सपना था।
नौकरी के साथ शुरू किया कैफे
योगेश ने अपने पिता से 10 लाख रुपये लेकर मुंबई में 20 सीट वाला एक छोटा कैफे शुरू किया। खास बात यह थी कि उन्होंने नौकरी नहीं छोड़ी। दिन में नौकरी करने के बाद वह कैफे का काम संभालते थे। इस दौरान उन्हें ग्राहकों की पसंद, खाने के कारोबार और रेस्तरां चलाने की बारीकियों को समझने का मौका मिला।
छोटे कारोबार को बनाया बड़ा ब्रांड
कुछ समय बाद योगेश ने अपने अनुभव के आधार पर रेस्तरां कारोबार को आगे बढ़ाना शुरू किया। 2011 से 2015 के बीच उन्होंने युवाओं को ध्यान में रखकर कई रेस्तरां शुरू किए। उनके कारोबार को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और धीरे-धीरे उनका नाम इस क्षेत्र में मजबूत होने लगा।
शेफ हरपाल सिंह सोखी के साथ शुरू हुई नई शुरुआत
कोरोना महामारी से पहले योगेश की मुलाकात शेफ हरपाल सिंह सोखी से हुई। दोनों ने मिलकर ऐसा रेस्तरां ब्रांड बनाने का फैसला किया, जहां खाने के साथ भारतीय स्वाद और उससे जुड़ी कहानी भी लोगों तक पहुंचे। साल 2021 में नोएडा से कारीगरी का पहला आउटलेट शुरू हुआ। इसके बाद ब्रांड ने कई शहरों में अपना विस्तार किया।
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आज करोड़ों का कारोबार और सैकड़ों कर्मचारी
आज कारीगरी के कई आउटलेट चल रहे हैं और कंपनी में 500 से ज्यादा लोग काम करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कारोबार करीब 80 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और कंपनी की बताई गई वैल्यूएशन करीब 220 करोड़ रुपये है। योगेश शर्मा का सफर दिखाता है कि छोटी नौकरी और छोटे कारोबार से शुरुआत करने वाला इंसान भी लगातार मेहनत, सीखने और सही फैसलों के दम पर बड़ा कारोबार खड़ा कर सकता है।