लखनऊ के लोक भवन में आपातकाल की 51वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने कहा कि सपा आज कांग्रेस के साथ खड़ी होकर मुलायम सिंह यादव की उस राजनीतिक सोच से दूर जा रही है जो कभी कांग्रेस के खिलाफ रही थी। योगी के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस और सपा के रिश्तों पर बहस तेज हो गई है।
आपातकाल के मंच से हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला दौर था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उस समय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया था। योगी ने कहा कि आज भी कांग्रेस की राजनीति उसी सोच के आसपास घूमती है। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करते हुए कहा कि देश को उन लोगों के संघर्ष को याद रखना चाहिए जिन्होंने मुश्किल दौर में लोकतंत्र बचाने के लिए आवाज उठाई थी।
अखिलेश पर सीधा निशाना
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह कांग्रेस की डूबती नाव पर सवार हैं। योगी के मुताबिक मुलायम सिंह यादव कांग्रेस की नीतियों के विरोधी रहे लेकिन अब सपा उसी कांग्रेस के साथ गठबंधन कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता की राजनीति के लिए सपा ने अपने पुराने सिद्धांतों से समझौता कर लिया है। योगी ने इसे मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को कमजोर करने वाला कदम बताया।
सपा सरकार पर भी आरोप
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में भी लोकतंत्र को दबाने की कोशिश हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव की बातें सामने आती रही हैं। योगी ने कहा कि दोनों दलों की राजनीति परिवार के इर्द गिर्द घूमती है। वहां कार्यकर्ताओं से ज्यादा महत्व परिवार के लोगों को मिलता है और यही उनकी राजनीति की सबसे बड़ी कमजोरी है।
भाजपा मॉडल का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने भाजपा की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता भी अपनी मेहनत के दम पर बड़े पद तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा में परिवार नहीं बल्कि संगठन और कार्यकर्ता सबसे ऊपर होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता जनता के बीच काम करता है और उसी के आधार पर उसे जिम्मेदारी मिलती है। उन्होंने इसे कांग्रेस और सपा की राजनीति से अलग बताया।
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छात्रों तक पहुंचेगा संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अलग अलग शिक्षा केंद्रों में छात्रों के सम्मेलन कराने की भी घोषणा की। इन सम्मेलनों में युवाओं को आपातकाल के दौर और लोकतंत्र की अहमियत के बारे में बताया जाएगा। योगी ने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि लोकतंत्र कितने संघर्ष के बाद मजबूत हुआ है। अब देखना होगा कि योगी के इस हमले का जवाब अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी किस तरह देती है।