लखनऊ में आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव के मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और RSS प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से बेहद अहम बना दिया। इसी दौरान योगी ने घुसपैठ और धर्मांतरण के खिलाफ ऐसा ऐलान किया, जिसने यूपी की राजनीति में गर्माहट बढ़ा दी है। योगी ने साफ कहा कि अब इन दोनों मुद्दों पर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। उनके तेवरों से यह भी संकेत मिला कि आने वाले महीनों में यूपी में इस एजेंडे पर बड़े फैसले हो सकते हैं।
घुसपैठियों पर पूरी तरह से नकेल कसेगी !
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में बताया कि प्रदेश में घुसपैठियों पर पूरी तरह से नकेल कसने की तैयारी चल रही है। उन्होंने घोषणा की कि यूपी के हर जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे अवैध रूप से रह रहे लोगों पर सख्त कार्रवाई हो सके। खास बात यह रही कि मोहन भागवत सामने बैठे इस पूरे बयान को बड़े ध्यान से सुन रहे थे। जानकारों का मानना है कि यह कदम RSS के दीर्घकालिक एजेंडे का हिस्सा है और योगी ने इसे लागू करने का संकेत दे दिया है। कार्यक्रम में योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि RSS की फंडिंग समाज के सहयोग और राष्ट्रप्रेम से होती है।
धर्मांतरण के मुद्दे पर योगी का सख्त रूख !
धर्मांतरण के मुद्दे पर भी योगी आदित्यनाथ ने बेहद सख्त रुख दिखाया। उन्होंने मिशनरियों की संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की बात कही और कहा कि धर्मांतरण के नाम पर हिंदू समाज को कमजोर करने की कोशिश करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। योगी ने कहा कि कई संगठन सेवा के नाम पर सौदा करते हैं और यह देश की आत्मा पर प्रहार है। भागवत की मौजूदगी में दिया गया यह संदेश दर्शाता है कि यूपी में धर्मांतरण रैकेट और विदेशी फंडिंग से जुड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई तय है।
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ध्वजारोहण कार्यक्रम से पहले मुलाकात
योगी-भागवत की यह मुलाकात राममंदिर पर होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम से सिर्फ 48 घंटे पहले हुई, इसलिए इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योगी ने अपने भाषण में गीता और महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि धर्म और कर्तव्य का मार्ग अंत में विजय दिलाता है। यह सिर्फ आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि नीति की दिशा का भी संकेत था। माना जा रहा है कि यूपी सरकार सांस्कृतिक पुनर्जागरण, धर्मांतरण रोकथाम, विदेशी फंडिंग निगरानी और मिशनरी नेटवर्क पर आने वाले दिनों में आक्रामक कार्रवाई शुरू कर सकती है। योगी के बयान से विरोधियों में खलबली है, क्योंकि वे जानते हैं कि योगी जो बोलते हैं, उसे जमीन पर लागू करके भी दिखाते हैं।