
development in Meerut: मेरठ शहर के लिए योगी सरकार ने बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं का पिटारा खोल दिया है। कैंट विधायक अमित अग्रवाल की पहल पर सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी ने 1035 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इन योजनाओं की चर्चा हुई और उन्होंने इन्हें हरी झंडी देते हुए प्रस्ताव मंगाए। इन प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से शहर जाम मुक्त होगा और बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा। इसमें चार लेन फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड, पुल और ग्रामीण सड़कों का निर्माण शामिल है।
जाम से मुक्ति के लिए बड़े प्रोजेक्ट
प्रमुख परियोजनाओं में बागपत रोड पर पसवाड़ा हाउस से रानी मिल तक चार लेन फ्लाईओवर (120 करोड़), बेगमपुल से विक्टोरिया पार्क तक आबू नाले के ऊपर दो लेन एलिवेटेड रोड (200 करोड़) और मवाना रोड पर यशोदा कुंज से किला रोड बाईपास तक 2.20 किमी एलिवेटेड रोड (250 करोड़) शामिल हैं। इसके अलावा माल रोड पर टैंक चौराहे से आगे, घंटाघर से विमल अस्पताल तक और बच्चा पार्क से जली कोठी तक दो लेन पुल और एलिवेटेड रोड बनाए जाएंगे, जिन पर 50-57 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सर्किट हाउस मवाना मार्ग पर भी 76 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन फ्लाईओवर प्रस्तावित है।
ग्रामीण और रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार
ग्रामीण क्षेत्रों में उदयपुर, शोभापुर, बड़ाल, दायमपुर और सिखेड़ा जैसे गांवों को बाजारों और शहर से जोड़ने के लिए लगभग 7.5 करोड़ रुपये से नई सड़कें बनाई जाएंगी। साथ ही, छावनी रेलवे स्टेशन के पास कासिमपुर डिस्टलरी मार्ग पर दो लेन का रेलवे पुल बनाया जाएगा, जिस पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बजट मंजूरी के बाद ये सभी योजनाएं धरातल पर उतरेंगी और मेरठ न सिर्फ जाम मुक्त होगा, बल्कि आधुनिक और बेहतर कनेक्टिविटी वाला शहर बनकर उभरेगा।