Job Scams Abroad: विदेश में नौकरी पाना आज के समय में कई भारतीय युवाओं का सपना है। लेकिन इसी सपने का फायदा उठाकर कुछ क्रिमिनल गैंग युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं। ये गैंग युवाओं को पराए मुल्कों में ले जाकर बेच रहे हैं। हाल ही में सीबीआई (CBI) ने एक ऐसे ही अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो युवाओं को मोटी सैलरी का सपना दिखाकर म्यांमार और कंबोडिया के कुख्यात साइबर फ्रॉड कैंपों में बेचा करते थे। सीबीआई ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को पकड़ा है, जिन्होंने ये खुलासा किया है।
युवाओं को साइबर क्राइम में फंसाते थे
आपको बता दें कि सीबीआई ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, वे युवाओं को 'साइबर स्लेवरी' यानी साइबर गुलामी के अड्डों तक पहुंचाने का काम करते थे। दक्षिण एशिया में कई कुख्यात साइबर क्रिमिनल सिंडिकेट्स एक्टिव हैं, जो बढ़िया वैकेंसी का झांसा देकर युवाओं को साइबर क्राइम में फंसाते थे। आरोपियों के संबंध ऐसे ही सिंडिकेट्स से जुड़े हुए हैं।
कैसे फंसाया जा रहा है?
भारत में बैठे फर्जी एजेंट सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भारी-भरकम सैलरी वाली नौकरियों का झांसा देते हैं। एक बार जब युवा नौकरी के लिए तैयार हो जाता था, तो फिर उसे थाईलैंड भेजा जाता था। वहां से गुप्त रास्तों के जरिए उन्हें थाईलैंड-म्यांमार या कंबोडिया के बॉर्डर पार करा दिए जाते हैं। बॉर्डर पार कराते ही इन युवाओं को खतरनाक साइबर क्रिमिनल कैंपों में सौंप दिया जाता है। यहां युवाओं को कैदियों की तरह रखा जाता था। यहां भारतीय युवाओं से ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, फर्जी कॉल सेंटर और डिजिटल स्कैम के काम कराए जाते है।
पासपोर्ट और जरूरी कागजात छीन लिए जाते
आपको बता दें कि स्कैम सेंटर्स में पहुंचने के साथ ही युवाओं से उनके पासपोर्ट और जरूरी कागजात छीन लिए जाते हैं। अगर कोई विरोध करता था, तो फिर उसे टॉर्चर किया जाता था। सबसे ज्यादा हैरानी वाली बात ये है कि कुछ ऐसे भी मामले हैं, जहां परिजनों ने लाखों रुपये देकर अपने परिवार के सदस्यों को छुड़वाया है।
फ्रॉड से कैसे बचें?
इस संबंध में विदेश मंत्रालय की तरफ से समय-समय पर गाइडलाइंस जारी की जाती रही हैं। ऐसी ही एक गाइडलाइंस में स्कैम से बचने के लिए निम्नलिखित बातों का ख्याल रखने को कहा गया है।
- अगर कोई एजेंट केवल व्हाट्सएप या फेसबुक के जरिए बात कर रहा है और अपनी सही लोकेशन या ऑफिस का पता नहीं दे रहा, तो सावधान होने की जरूरत है।
- अगर कोई वैलिड जॉब ऑफर होगा, तो वह एक एंप्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट के साथ दिया जाएगा। जिस पर कंपनी, एजेंट और आपके साइन होते हैं। इसमें सैलरी और काम की पूरी जानकारी साफ-साफ लिखी होती है। इस पर विदेशी कंपनी, रिक्रूटमेंट एजेंट और वर्कर तीनों के साइन होने चाहिए।
- विदेश में काम करने के लिए 'वर्क वीजा' जरूरी होता है। टूरिस्ट वीजा पर नौकरी करने जाना गैर-कानूनी है। अगर अच्छी एजेंसी है, तो फिर वह फ्लाइट टिकट और इंश्योरेंस आदि भी मुहैया कराती है।
- नौकरी के लिए केवल सरकार के अधीन रजिस्टर्ड रिक्रूटिंग एजेंट्स (RAs) की ही मदद लें। इसकी पूरी लिस्ट भारत सरकार की वेबसाइट emigrate.gov.in पर उपलब्ध है।